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झरिया विस्थापितों के पुनर्वास को नई दिशा, रोजगार सृजन के लिए बेलगढ़िया में टेक्सटाइल यूनिट स्थापित करने पर चर्चा


Dhanbad : झरिया की आग और भू-धंसान से प्रभावित परिवारों के पुनर्वास को केवल आवास उपलब्ध कराने तक सीमित न रखते हुए उन्हें स्थायी रोजगार से जोड़ने की दिशा में पहल तेज हो गई है। इसी उद्देश्य से शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें बेलगढ़िया में टेक्सटाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने के प्रस्ताव पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि झरिया मास्टर प्लान के तहत पुनर्वासित परिवारों को सुरक्षित आवास के साथ-साथ आजीविका के स्थायी अवसर भी उपलब्ध कराए जाएं। प्रस्तावित टेक्सटाइल यूनिट के माध्यम से विस्थापित परिवारों के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित करने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की योजना पर चर्चा की गई।

अधिकारियों ने बेलगढ़िया में प्रस्तावित औद्योगिक इकाई की व्यवहार्यता, स्थानीय युवाओं के कौशल विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्र में औद्योगिक संभावनाओं का भी आकलन किया। बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि रोजगार आधारित पुनर्वास मॉडल झरिया के प्रभावित परिवारों के जीवन स्तर में सुधार लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

झरिया मास्टर प्लान को और प्रभावी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी चर्चा हुई। नेशनल रिमोट सेंसिंग सेंटर (NRSC) के अधिकारियों के साथ सैटेलाइट इमेजिंग और डिजिटल मैपिंग के जरिए झरिया क्षेत्र की निगरानी को मजबूत करने पर विचार किया गया। इससे आग और भू-धंसान से प्रभावित तथा उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों की लगातार निगरानी संभव हो सकेगी।

बैठक के दौरान यह भी कहा गया कि सटीक मानचित्रण के माध्यम से प्रभावित आबादी की पहचान, पुनर्वास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और भविष्य की रणनीति तैयार करने में मदद मिलेगी। तकनीकी निगरानी से जोखिम वाले इलाकों में समय रहते आवश्यक कदम उठाने की संभावना भी बढ़ेगी।

बैठक के अंत में भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) ने दोहराया कि झरिया मास्टर प्लान के तहत सुरक्षित पुनर्वास, आधुनिक तकनीक के उपयोग और प्रभावित परिवारों के सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए वह पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है। यदि बेलगढ़िया में प्रस्तावित टेक्सटाइल यूनिट स्थापित होती है, तो यह झरिया के हजारों विस्थापित परिवारों के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई राह खोल सकती है।

बैठक में केंद्रीय कोयला मंत्रालय के सचिव विक्रम देव दत्त, केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव पंकज जैन, बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल, धनबाद के उपायुक्त आदित्य रंजन, आदित्य बिड़ला समूह के ग्रुप प्रेसिडेंट (कॉर्पोरेट अफेयर्स) के. वी. सुनील, राजधानी टेक्सटाइल्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर प्रवेश कोचेता सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और उद्योग जगत के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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