Ranchi : एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम के चयन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हॉकी इंडिया की चयनकर्ता और भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लकड़ा ने चयन प्रक्रिया में अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि चयन समिति का हिस्सा होने के बावजूद उन्हें टीम चयन से जुड़ी बैठकों और फैसलों की जानकारी नहीं दी गई।
शुक्रवार को एशियन गेम्स के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम की घोषणा की गई, जिसमें झारखंड की चार खिलाड़ियों सलीमा टेटे, निकी प्रधान, ब्यूटी डुंगडुंग और संगीता कुमारी को जगह मिली है। हालांकि, असुंता लकड़ा का आरोप है कि टीम चयन की प्रक्रिया में उन्हें पूरी तरह अलग रखा गया और चयनकर्ता होने के बावजूद उन्हें इसकी जानकारी तक नहीं दी गई।
असुंता ने दावा किया कि मार्च 2026 के बाद से उन्हें चयन समिति की किसी भी ऑनलाइन या ऑफलाइन बैठक में शामिल नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन महीनों से चयन प्रक्रिया को लेकर उनके साथ संवाद नहीं किया गया और न ही किसी बैठक का एजेंडा या आधिकारिक सूचना साझा की गई।
पूर्व कप्तान ने बताया कि उन्होंने इस मामले को लेकर मुख्य चयनकर्ता आरपी सिंह से भी बातचीत की थी। उनके अनुसार, आरपी सिंह ने उन्हें भरोसा दिलाया था कि वह पता करेंगे कि उन्हें बैठकों की जानकारी क्यों नहीं दी जा रही है, लेकिन इसके बाद भी स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।
असुंता लकड़ा ने आरोप लगाया कि महिला खिलाड़ियों से जुड़े कुछ मामलों में आवाज उठाने के बाद से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जनवरी के बाद वह एक-दो चयन बैठकों में शामिल हुई थीं, लेकिन मार्च से उन्हें चयन प्रक्रिया से पूरी तरह दूर कर दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें समझ नहीं आ रहा कि आखिर किस वजह से ऐसा किया जा रहा है।
वहीं, हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने असुंता लकड़ा के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि वह हमेशा असुंता का समर्थन करते आए हैं और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप निराधार हैं। भोला नाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने हमेशा असुंता को सहयोग दिया है और इस तरह के आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
एशियन गेम्स के लिए टीम चयन के बीच सामने आए इस विवाद ने हॉकी प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि हॉकी इंडिया इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और चयन प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों का क्या जवाब देता है।



