Dhanbad : जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SNMMCH) के मेल मेडिकल वार्ड में मरीजों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वार्ड की जर्जर छत से लगातार प्लास्टर टूटकर गिर रहा है, जिससे मरीज और उनके परिजन भय के माहौल में इलाज कराने को मजबूर हैं। मरीजों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
वार्ड में भर्ती मरीजों के अनुसार, पिछले कई दिनों से छत से प्लास्टर गिरने की घटनाएं लगातार हो रही हैं। मरीजों के बेड के आसपास प्लास्टर गिरने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हाल ही में एक बच्चे के सिर पर प्लास्टर गिरने से उसे मामूली चोट भी आई, जिसके बाद वार्ड में भर्ती अन्य मरीजों की चिंता और बढ़ गई है।

मरीज पारितोष मंडल ने बताया कि दो-तीन दिनों से लगातार छत का प्लास्टर टूटकर गिर रहा है। वहीं, मरीज हुबलाल बास्की ने कहा कि उनके सामने ही छत का एक हिस्सा टूटकर नीचे गिरा, जिससे वार्ड में मौजूद सभी लोग घबरा गए। मरीज मुमताज आलम ने बताया कि भर्ती होने के तुरंत बाद उनके बेड के पास प्लास्टर गिरा, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें दूसरे स्थान पर शिफ्ट किया।
मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि वे इलाज के लिए अस्पताल आते हैं, लेकिन यहां बीमारी के साथ-साथ भवन की जर्जर स्थिति का भी खतरा झेलना पड़ रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
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अस्पताल के अधीक्षक डॉ. डी.के. गिंदौरिया ने माना कि अस्पताल की इमारत काफी पुरानी हो चुकी है और कई हिस्सों की छत जर्जर अवस्था में है। उन्होंने बताया कि प्लास्टर गिरने की शिकायत मिलने के बाद प्रभावित स्थानों की मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया गया है और जहां खतरा अधिक है, वहां से मरीजों को दूसरे वार्डों में स्थानांतरित किया जा रहा है।
हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने जल्द मरम्मत का भरोसा दिया है, लेकिन मरीजों का कहना है कि केवल अस्थायी व्यवस्था पर्याप्त नहीं है। उनका मानना है कि अस्पताल भवन की पूरी तरह तकनीकी जांच कराकर स्थायी मरम्मत कराई जानी चाहिए, ताकि इलाज के लिए आने वाले लोगों को सुरक्षित और बेहतर वातावरण मिल सके।



