Ranchi : रांची जिले के प्रमुख धार्मिक स्थलों—पहाड़ी मंदिर, जगन्नाथ मंदिर और दिउड़ी मंदिर—में चल रहे विकास एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में की गई। समाहरणालय सभागार में हुई इस बैठक में विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति, निर्माण की गुणवत्ता, तय समय-सीमा और शेष कार्यों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में उप विकास आयुक्त संजय भगत, सदर एसडीओ कुमार रजत, बुंडू एसडीओ मोहनलाल मरांडी, जिला खेल पदाधिकारी शिवेंद्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। अधिकारियों ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से तीनों मंदिर परिसरों में चल रहे विकास कार्यों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्माण एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से इन स्थलों का विशेष महत्व है, इसलिए निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।
डीसी ने निर्माण कार्यों के दौरान सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं और आम लोगों की आवाजाही बाधित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही परिसर की साफ-सफाई, जल निकासी, विद्युत आपूर्ति और अन्य मूलभूत सुविधाओं को भी प्राथमिकता देने को कहा गया।
बैठक में तीनों मंदिर परिसरों में प्रस्तावित और निर्माणाधीन योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई। लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और नियमित स्थलीय निरीक्षण के माध्यम से कार्यों की सतत निगरानी करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि पहाड़ी मंदिर, जगन्नाथ मंदिर और दिउड़ी मंदिर रांची जिले की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान हैं। इनका समग्र विकास श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ धार्मिक पर्यटन को भी नई दिशा देगा।
जिला प्रशासन का मानना है कि विकास कार्य पूरे होने के बाद इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को भी मजबूती मिलेगी।


