Khunti: खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड स्थित ऐतिहासिक जरियागढ़ मंडा मेला का मंगलवार को झूलन पूजा के साथ भव्य एवं श्रद्धापूर्ण समापन हो गया। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक आस्था, पारंपरिक रीति-रिवाज और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अद्भुत संगम देखने को मिला। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने मेले में पहुंचकर पूजा-अर्चना के साथ-साथ मनोरंजन का भी भरपूर आनंद लिया।

सोमवार रात्रि को भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालु देर रात तक भक्ति रस में डूबे रहे। वहीं मेले में आयोजित हिंदी, नागपुरी एवं ठेठ ऑर्केस्ट्रा कार्यक्रम लोगों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित खूंटी के जिला कल्याण पदाधिकारी प्रमोद राम ने फीता काटकर ऑर्केस्ट्रा मंच का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर उन्होंने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया और लोगों को शिक्षित बनने के लिए प्रेरित किया। उनके संबोधन को लोगों ने ध्यानपूर्वक सुना और सराहा। 
मेला आयोजन समिति द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी छाऊ लोकनृत्य का आयोजन किया गया, जिसे देखने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। वहीं मंगलवार को यंग स्टार क्लब तोरपा द्वारा प्रस्तुत रंगारंग ऑर्केस्ट्रा में आधुनिक नागपुरी एवं ठेठ गीतों पर युवा और ग्रामीण जमकर झूमते नजर आए।
धार्मिक अनुष्ठान के तहत पंडित पवन दास गोस्वामी द्वारा विधि-विधान से मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कराई गई। इसके बाद सभी भोक्ताओं ने लौंयकेल तालाब में स्नान कर धुआं-सुआ एवं फूलखुंडी पूजा परिक्रमा में भाग लिया। इस दौरान 51 भोक्ताओं ने नौ दिनों तक अल्पाहार, फलाहार एवं निर्जला उपवास रखकर भगवान शिव की कठोर साधना की। पूजा सम्पन्न होने के बाद सभी भक्तों ने विधिवत अन्न ग्रहण किया।
मेले में झूला, जादू, खिलौने, मनिहारी, सिंगार सामग्री, फल-सब्जी और लोहे के सामान की कई दुकानों ने भी लोगों को आकर्षित किया। ग्रामीणों और बच्चों ने खरीदारी के साथ मेले का भरपूर आनंद उठाया।
मंडा पूजा कार्यक्रम की शुरुआत 11 अप्रैल को भक्तों के प्रवेश के साथ हुई थी। इसके बाद 12 अप्रैल को धुवांसी, 13 अप्रैल को भक्ति जागरण तथा 14 अप्रैल को फूलखुंडी और भव्य नागपुरी ऑर्केस्ट्रा का आयोजन किया गया। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ पूरे आयोजन में क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए प्रार्थनाएं की गईं। इस आयोजन का विशेष आकर्षण 51 भक्तों का प्रवेश रहा, जिसे देखने के लिए आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
मेला को सफल बनाने में आयोजन समिति के अध्यक्ष कमलेश राम, उपाध्यक्ष मुकेश राम, संरक्षक कृष्णा राम, राहुल केशरी, भोला राम, संभू सिंह, संजीत राम, लालसहाय प्रधान, गुड्डू राम सहित समिति के अन्य सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा।



