Ranchi: राजधानी रांची में अवैध हथियार तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बिहार से हथियार लाकर स्थानीय अपराधियों तक पहुंचाने वाले एक संगठित गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई पहले मैक्लुस्कीगंज क्षेत्र से पकड़े गए दो तस्करों की निशानदेही पर की गई, जिससे इस अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा हुआ।
पुलिस ने मांडर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर विशाल सिंह, अभिषेक शर्मा और करण गोप को गिरफ्तार किया। ये सभी लंबे समय से अवैध हथियारों की सप्लाई में सक्रिय थे और रांची के अपराधियों को पिस्टल उपलब्ध कराते थे। इस गिरफ्तारी के बाद पुलिस को नेटवर्क के विस्तार और अन्य संभावित सदस्यों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली है।
ग्रामीण एसपी प्रवीण पुष्कर के अनुसार, इस पूरे गिरोह का मास्टरमाइंड अभिषेक शर्मा है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह बिहार से अवैध पिस्तौल लाकर रांची में अपराधियों को बेचता था। एक पिस्टल की कीमत लगभग 35 हजार रुपये तय की जाती थी, जिससे गिरोह को मोटा मुनाफा होता था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियारों की आपूर्ति किन-किन आपराधिक गिरोहों तक की जा रही थी।
छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन देसी पिस्टल, 7.65 बोर की दस जिंदा गोलियां, चार मैगजीन और दो टच-स्क्रीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त किए गए मोबाइल फोन से पुलिस को कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है, जिनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इससे पहले मंगलवार को मैक्लुस्कीगंज इलाके से दो अन्य हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें सोनू अंसारी भी शामिल था। उसकी गिरफ्तारी के बाद ही इस बड़े नेटवर्क का खुलासा संभव हो सका। पुलिस का मानना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और अंतरराज्यीय स्तर पर हथियारों की तस्करी कर रहा था।
गिरफ्तार आरोपियों में विशाल सिंह (30 वर्ष) और करण गोप (26 वर्ष) मांडर थाना क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि अभिषेक शर्मा (29 वर्ष) चान्हो का रहने वाला है। अभिषेक शर्मा का आपराधिक इतिहास भी रहा है। उसके खिलाफ चान्हो थाना कांड संख्या 99/23, दिनांक 12 जुलाई 2023, में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)(a), 26 और 35 के तहत मामला दर्ज है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। साथ ही, पूरे नेटवर्क की गहन जांच जारी है ताकि इससे जुड़े अन्य सदस्यों और हथियारों के स्रोत का पता लगाया जा सके। रांची पुलिस की यह कार्रवाई शहर में बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


