Hazaribagh: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद देशभर में इसका स्वागत किया जा रहा है। इसी क्रम में हजारीबाग में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ओर से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल और कोडरमा विधायक नीरा यादव ने इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया।
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 भारतीय लोकतंत्र में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। यह कानून महिलाओं को केवल लाभार्थी तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें नीति निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने इसे सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक मजबूत कदम बताते हुए कहा कि इससे देश में महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी और सशक्तिकरण को नई दिशा मिलेगी।
विधायक नीरा यादव ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि यह अधिनियम महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में भागीदार बनाकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर करेगा। उन्होंने कहा कि यह भारत के इतिहास में महिला सशक्तिकरण के लिए उठाया गया सबसे बड़ा कदम है, जिससे महिलाएं अब केवल मतदाता ही नहीं, बल्कि कानून बनाने वाली भी बनेंगी।
उल्लेखनीय है कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम भारत का 106वां संवैधानिक संशोधन है, जिसके तहत लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटों का आरक्षण सुनिश्चित किया गया है। यह प्रावधान देश की राजनीति में लैंगिक समानता स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नेताओं ने बताया कि केंद्र सरकार ने बजट सत्र को बढ़ाते हुए 16 से 18 अप्रैल तक संसद का विशेष सत्र बुलाने का निर्णय लिया है, जिसमें इस संशोधन से संबंधित विधेयक को पारित किए जाने की संभावना है। संसद से मंजूरी मिलने के बाद यह कानून 31 मार्च 2029 से लागू होने की उम्मीद है और 2029 के लोकसभा चुनाव में पहली बार प्रभावी होगा।
भाजपा नेताओं ने विश्वास जताया कि इस कानून के लागू होने से देश की राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी, जिससे शासन व्यवस्था अधिक समावेशी और संवेदनशील बनेगी। साथ ही, यह कदम ‘महिला सशक्तिकरण’ के संकल्प को साकार करने में मील का पत्थर साबित होगा।


