Ranchi: रांची नगर निगम ने शहर में गिफ्ट डीड के तहत प्राप्त जमीन पर हो रहे अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर दी है। निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गिफ्ट डीड की भूमि केवल सार्वजनिक उपयोग और निर्धारित उद्देश्यों के लिए होती है, इसलिए इस पर किसी भी प्रकार की व्यावसायिक गतिविधि, दुकान संचालन या अवैध कब्जा पूरी तरह प्रतिबंधित है।

हाल के दिनों में निगम द्वारा चलाए गए सघन अभियान के तहत शहर के विभिन्न हिस्सों में गिफ्ट डीड की जमीन पर बने अवैध ढांचों की पहचान कर उन्हें हटाया गया। 10 अप्रैल 2026 को कर्बला चौक स्थित खलील रेजिडेंसी के पास गिफ्ट डीड की भूमि पर बनी पांच दुकानों को ध्वस्त किया गया। इसके बाद 11 अप्रैल 2026 को लालपुर और आसपास के क्षेत्रों में भी कार्रवाई जारी रखते हुए निजी बैंक के पास बनी अवैध दुकान, कोचिंग सेंटर के समीप गुमटी, सर्कुलर रोड स्थित बैंक्वेट हॉल के सामने की संरचना तथा हरिओम टावर के सामने बने अवैध निर्माण को हटाया गया।

इससे पहले भी निगम ने 20 मार्च 2026 को अशोक नगर से अरगोड़ा मार्ग स्थित साईं निजी बिल्डिंग के पास गिफ्ट डीड की जमीन पर किए जा रहे टाइल्स और फ्लोरिंग के कार्य को जेसीबी की सहायता से तत्काल हटवा दिया था। वहीं, 20 अगस्त 2025 को हिनू मेन रोड पर अस्थायी रूप से बनाए गए एक अवैध दुकान को भी हटाया गया था। इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट होता है कि निगम अवैध अतिक्रमण के खिलाफ निरंतर अभियान चला रहा है।

नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने इस संबंध में कड़े निर्देश जारी करते हुए कहा कि यदि किसी भवन स्वामी, भू-स्वामी या बिल्डर की सहमति से गिफ्ट डीड की जमीन पर अतिक्रमण या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ ब्लैकलिस्टिंग के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने दोहराया कि यह भूमि सार्वजनिक संपत्ति है और इसके दुरुपयोग को किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

नगर निगम का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से शहर के सुव्यवस्थित विकास, यातायात व्यवस्था में सुधार और शहरी सौंदर्यीकरण को बढ़ावा मिलेगा। प्रशासन ने शहर के सभी भवन स्वामियों, बिल्डर्स और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से अपील की है कि वे अपने दस्तावेजों की जांच करें और यदि गिफ्ट डीड की जमीन पर किसी प्रकार का अतिक्रमण किया गया है, तो उसे स्वयं हटा लें।

निगम ने यह भी संकेत दिया है कि भविष्य में इस तरह के अभियान और तेज किए जाएंगे, ताकि सार्वजनिक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। रांची नगर निगम की यह पहल न केवल शहर में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था को मजबूत करेगी, बल्कि नागरिकों के हितों की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।



