Ranchi: असम में अपने दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के लिए जोरदार चुनाव प्रचार करने के बाद अब झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पश्चिम बंगाल की ओर रुख करने जा रहे हैं। वहां वे सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के समर्थन में चुनावी अभियान को मजबूत करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जा रहा है। झामुमो के वरिष्ठ नेता पहले ही पश्चिम बंगाल पहुंचकर समन्वय की रणनीति तैयार करने में जुटे हुए हैं। पार्टी इस बार टीएमसी के समर्थन में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है, ताकि चुनावी मैदान में प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई जा सके।
इससे पहले 2021 के विधानसभा चुनाव में भी हेमंत सोरेन ने टीएमसी के पक्ष में प्रचार किया था, जिसका असर खासकर आदिवासी बहुल इलाकों में देखने को मिला था। यही वजह है कि इस बार भी उनका फोकस उन्हीं क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा, जहां उनकी लोकप्रियता मजबूत मानी जाती है।
बताया जा रहा है कि झारखंड से सटे जंगलमहल क्षेत्र के साथ-साथ उत्तर बंगाल के कई जिलों में उनकी सभाएं प्रस्तावित हैं। इन इलाकों में झामुमो अपनी विचारधारा और सामाजिक आधार को विस्तार देने की रणनीति पर काम कर रहा है, जिससे राजनीतिक लाभ हासिल किया जा सके।
राजनीतिक समीकरण को और मजबूत करने के लिए गांडेय विधायक कल्पना सोरेन के भी प्रचार अभियान में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। उनके शामिल होने से आदिवासी और महिला मतदाताओं के बीच टीएमसी की पकड़ मजबूत करने की कोशिश होगी।
झामुमो सांसद विजय हांसदा ने कहा कि टीएमसी के साथ उनकी पार्टी का पुराना और मजबूत संबंध रहा है। इसे उन्होंने राजनीतिक सहयोग का स्वाभाविक विस्तार बताया। वहीं मंत्रीसुदिव्य कुमार सोनू ने भी कहा कि विभिन्न दलों के बीच सहयोग लोकतंत्र को मजबूती देता है।
गौरतलब है कि झारखंड और पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक समानताएं हैं। ऐसे में हेमन्त सोरेन की लोकप्रिय छवि का फायदा उठाकर टीएमसी, खासकर आदिवासी बहुल इलाकों में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है, जहां भाजपा भी लगातार अपनी पकड़ बढ़ाने की कोशिश कर रही है।


