Ranchi : झारखंड में JPSC, JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी और पेपर लीक के मुद्दे को लेकर भाजपा सांसदों ने शुक्रवार को संसद भवन परिसर में मौन उपवास किया। महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने आयोजित इस कार्यक्रम में सांसदों ने भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग दोहराई।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू के नेतृत्व में सुबह 10 बजे से 11 बजे तक चले इस मौन उपवास में झारखंड के कई भाजपा सांसद शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने कहा कि राज्य के छात्रों और युवाओं के साथ हुए अन्याय के खिलाफ पार्टी की लड़ाई जारी रहेगी और दोषियों पर कार्रवाई की मांग लगातार उठाई जाएगी।
मौन उपवास के बाद आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा झारखंड के छात्र और युवाओं के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों से कांग्रेस के समर्थन से चल रही सरकार के कार्यकाल में कई भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के मामले सामने आए हैं, लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया।
आदित्य साहू ने कहा कि JPSC, JSSC-CGL, उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा समेत सभी विवादित मामलों की जांच CBI से कराई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ी से मेहनत करने वाले छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने आंदोलन को आगे बढ़ाने की घोषणा करते हुए कहा कि छात्रों के समर्थन में 31 जुलाई की शाम झारखंड के सभी 24 जिलों में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद 1 अगस्त को सभी जिलों में भाजपा की ओर से धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आदित्य साहू ने कहा कि कांग्रेस दिल्ली में अलग-अलग मुद्दों पर आंदोलन करती है, लेकिन झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित घोटालों के मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए है। उन्होंने इसे कांग्रेस की दोहरी राजनीति बताते हुए कहा कि भाजपा युवाओं को न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
संसद परिसर में हुए इस मौन उपवास में भाजपा सांसद बीडी राम, विद्युत वरण महतो, डॉ. प्रदीप वर्मा, ढुल्लू महतो, मनीष जायसवाल और कालीचरण सिंह समेत कई नेता मौजूद रहे। भाजपा ने साफ किया कि भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।


