Ranchi : झारखंड में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान की समयसीमा बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस का एक शिष्टमंडल मंगलवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) से मिला। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने मतदाता गणना प्रपत्र भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश मीडिया संयोजक किशोरनाथ शाहदेव, कांग्रेस नेता सूर्यकांत शुक्ला, सुनील सिंह समेत अन्य नेता शामिल थे। नेताओं ने मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार से आग्रह किया कि सावन माह और श्रावणी मेले के कारण संथाल परगना सहित कई जिलों के लोग धार्मिक गतिविधियों में व्यस्त हैं। ऐसे में मतदाताओं को प्रपत्र भरने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाना चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि ASDD सूची में करीब 40 लाख नाम होना चिंता का विषय है। उनका कहना था कि बड़ी संख्या में लोगों तक समय पर प्रक्रिया की जानकारी नहीं पहुंच पा रही है। इसलिए अधिक से अधिक पात्र मतदाताओं का नाम सूची में शामिल करने के लिए समयसीमा बढ़ाना जरूरी है।
हालांकि, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कांग्रेस की इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 29 जुलाई ही रहेगी और इसमें किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि तय कार्यक्रम के अनुसार 5 अगस्त को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा।
सीईओ ने यह भी कहा कि हालांकि गणना प्रपत्र जमा करने की समयसीमा नहीं बढ़ाई जा सकती, लेकिन मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद आपत्तियां और दावे दर्ज कराने की अवधि बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा।
के. रवि कुमार ने बताया कि श्रावणी मेले के मद्देनजर यदि देवघर और दुमका जिलों से कोई विशेष प्रस्ताव प्राप्त होता है तो उसे चुनाव आयोग को भेजा जाएगा। उन्होंने सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे 29 जुलाई तक अपना गणना प्रपत्र भरकर संबंधित बीएलओ के पास जमा कर दें, ताकि 5 अगस्त को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में उनका नाम शामिल हो सके।
कांग्रेस की मांग भले ही फिलहाल स्वीकार नहीं की गई हो, लेकिन चुनाव आयोग ने संकेत दिया है कि मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया में जरूरत पड़ने पर समय बढ़ाने पर विचार किया जा सकता है। ऐसे में आयोग ने लोगों से समय रहते मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।


