Latehar: लातेहार पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन पीएलएफआई (पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया) के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी बालूमाथ क्षेत्र में किसी हिंसक वारदात को अंजाम देने और इलाके में दहशत फैलाने की योजना बना रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संजय सिंह और मोहम्मद शहजाद के रूप में हुई है, जो लोहरदगा जिले के निवासी हैं।
पुलिस को इस कार्रवाई की सफलता गुप्त सूचना के आधार पर मिली। लातेहार के पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव को जानकारी मिली थी कि पीएलएफआई के उग्रवादी बाइक से चंदवा से बालूमाथ की ओर जा रहे हैं और किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की तैयारी में हैं। सूचना मिलते ही एसपी के निर्देश पर डीएसपी उमेश कुमार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष पुलिस टीम का गठन कर छापेमारी अभियान शुरू किया गया।
छापेमारी के दौरान बालूमाथ थाना क्षेत्र के मकइयाटांड़ पुलिस पिकेट के पास पुलिस ने बाइक पर सवार दो संदिग्ध युवकों को आते देखा। पुलिस को देखकर दोनों भागने का प्रयास करने लगे, लेकिन सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक पिस्टल, जिंदा गोलियां और एक चोरी की बाइक बरामद हुई।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने खुद को पीएलएफआई का सदस्य बताया। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वे संगठन के कमांडर बादल के निर्देश पर बालूमाथ और बरियातू क्षेत्र में दहशत फैलाकर लेवी वसूली की योजना को अंजाम देने जा रहे थे। समय रहते हुई कार्रवाई से उनकी योजना विफल हो गई।
डीएसपी उमेश कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार उग्रवादियों के कब्जे से बरामद हथियार, जिंदा कारतूस और चोरी की बाइक को जब्त कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि दोनों से पूछताछ जारी है और उनके अन्य साथियों तथा संगठन के नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है।
इस अभियान में डीएसपी उमेश कुमार सिंह के साथ बालूमाथ थाना प्रभारी अमरेंद्र कुमार, बरियातू थाना प्रभारी रंजन पासवान, सब-इंस्पेक्टर देवेंद्र कुमार, जितेंद्र कुमार और अभिमन्यु कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में उग्रवाद और लेवी वसूली के खिलाफ अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।


