Bokaro : बिहार में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मौत को लेकर विरोध प्रदर्शन तेज होता जा रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को बोकारो में संपूर्ण विप्र समाज के बैनर तले लोगों ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने एनकाउंटर को कथित तौर पर फर्जी बताते हुए निष्पक्ष जांच और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई।
धरना समाप्त होने के बाद प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से भरत भूषण तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की गई।
धरना-प्रदर्शन में संपूर्ण विप्र समाज के अलावा कई अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि भी शामिल हुए। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और आरोप लगाया कि मामले में जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि न्याय की मांग को लेकर देश के अन्य हिस्सों में भी आवाज उठाई जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि इसी मुद्दे पर दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी धरना आयोजित किया गया है। उनका कहना था कि बोकारो का यह प्रदर्शन उसी देशव्यापी अभियान का हिस्सा है, जिसके माध्यम से भरत भूषण तिवारी के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की जा रही है।
धरने में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि भरत भूषण तिवारी समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों की आवाज उठाते थे। उनका दावा था कि उनकी आवाज दबाने के उद्देश्य से कथित फर्जी एनकाउंटर किया गया। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और आरोप लगाया कि राज्य में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर चिंताएं हैं। उन्होंने कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
फिलहाल, प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और जिला प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों का ज्ञापन स्वीकार कर संबंधित स्तर तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। मामले में अब प्रशासन और संबंधित एजेंसियों की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।


