Jamtara : झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का सातवां राज्य सम्मेलन शुक्रवार से जामताड़ा में शुरू हो गया। दो दिवसीय इस सम्मेलन में राज्य के सभी 24 जिलों से महासंघ के पदाधिकारी और कर्मचारी प्रतिनिधि शामिल हुए। सम्मेलन का शुभारंभ महासंघ के पदाधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया, जिसके बाद कर्मचारियों से जुड़े विभिन्न मुद्दों और मांगों पर विस्तृत चर्चा हुई।
सम्मेलन के दौरान कर्मचारियों की सेवा संबंधी समस्याओं, लंबित मांगों और उनके समाधान को लेकर कई सत्र आयोजित किए गए। वक्ताओं ने कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं को विस्तार से रखते हुए संगठन की एकजुटता पर जोर दिया और अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
बैठक में अनुबंध पर कार्यरत कर्मचारियों को नियमित करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। इसके साथ ही सरकारी विभागों में ठेका आधारित नियुक्तियों की व्यवस्था समाप्त करने और स्थायी नियुक्तियों को प्राथमिकता देने की मांग भी की गई। कर्मचारियों का कहना था कि लंबे समय से कार्यरत अनुबंध कर्मियों को नियमित सेवा का लाभ मिलना चाहिए।

सम्मेलन में कर्मचारियों की मांगों को लेकर आगे की रणनीति भी तैयार की गई। महासंघ के मुख्य संरक्षक तारिणी प्रसाद कामत ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और उनके हितों की रक्षा के लिए अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने अनुबंध और ठेका व्यवस्था समाप्त कर नियमित नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू करने की मांग दोहराई।
महासंघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि कर्मचारियों की मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होती है तो संगठन चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाएगा। इसके लिए राज्यभर के कर्मचारियों को एकजुट कर व्यापक अभियान चलाने की तैयारी की जाएगी।
दो दिवसीय सम्मेलन का समापन शनिवार को होगा। अंतिम दिन महासंघ की नई कार्यकारिणी के गठन के लिए चुनाव भी कराया जाएगा, जिसमें विभिन्न पदों के लिए प्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा। सम्मेलन में लिए गए निर्णयों को आगामी आंदोलन और संगठनात्मक गतिविधियों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


