Ranchi : झारखंड के युवाओं के लिए सरकारी नौकरी को लेकर बड़ी राहत की खबर है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य सरकार ने विभिन्न विभागों में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों को भरने की प्रक्रिया तेज कर दी है। सरकार का लक्ष्य शिक्षा, स्वास्थ्य, गृह सहित अन्य प्रमुख विभागों में मानव संसाधन की कमी को दूर करते हुए बड़े पैमाने पर नियुक्तियां करना है।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य के विभिन्न विभागों में कुल 3,51,968 नियमित पद स्वीकृत हैं। इनमें से फिलहाल 1,87,610 पदों पर ही अधिकारी और कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि बड़ी संख्या में पद अब भी रिक्त हैं। सबसे अधिक खाली पद शिक्षा, स्वास्थ्य और गृह विभाग में हैं, जिन्हें प्राथमिकता के आधार पर भरने की तैयारी की जा रही है।
सरकार ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) को पहले से विज्ञापित पदों की भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही विभिन्न विभागों से रिक्त पदों का ब्योरा लेकर नई अधियाचनाएं भेजी जाएंगी, ताकि आगामी नियुक्ति प्रक्रियाएं समय पर शुरू की जा सकें।
प्रस्तावित भर्ती अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में सहायक शिक्षकों, स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों, नर्सिंग एवं अन्य मेडिकल स्टाफ, गृह विभाग के विभिन्न पदों तथा सड़क, पुल और पुलिया निर्माण कार्यों के लिए अभियंताओं और तकनीकी कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएगी। यदि प्रक्रिया निर्धारित समय के अनुसार आगे बढ़ती है तो स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर करीब 25 हजार नई नियुक्तियां किए जाने की संभावना है।
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि राज्य गठन के बाद पहली बार किसी सरकार ने सरकारी विभागों में मानव संसाधन की कमी को दूर करने पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के वर्तमान कार्यकाल में अब तक 40 हजार से अधिक नियुक्तियां की जा चुकी हैं और अब रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया को और तेज किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने सभी विभागों को स्वीकृत पदों के मुकाबले रिक्तियों का आकलन कर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया है। साथ ही जेपीएससी और जेएसएससी को भी लंबित अधियाचनाओं पर शीघ्र परीक्षा और चयन प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को समय पर नियुक्ति मिल सके।
वित्त मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य अपने वर्तमान कार्यकाल के दौरान अधिक से अधिक स्वीकृत पदों को भरना है। उनका कहना है कि इससे न केवल सरकारी विभागों में कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि राज्य के हजारों युवाओं को सरकारी सेवा में रोजगार पाने का अवसर भी मिलेगा।


