Ranchi : राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने रांची में प्रस्तावित रिम्स-2 परियोजना के निर्माण कार्य पर फिलहाल रोक लगाने का निर्देश दिया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जब तक इस मामले की सुनवाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक परियोजना से संबंधित किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा।
सोमवार को आयोग ने गढ़वा, पलामू, रांची, बोकारो और जामताड़ा सहित विभिन्न जिलों से जुड़े 15 मामलों की सुनवाई की। सुनवाई के दौरान संबंधित जिलों के अधिकारी और शिकायतकर्ता भी उपस्थित रहे। इन्हीं मामलों में रिम्स-2 के लिए अधिग्रहित भूमि से जुड़ी शिकायत पर भी विस्तार से विचार किया गया।
आयोग की सदस्य डॉ. आशा लकड़ा ने बताया कि रिम्स-2 परियोजना के लिए प्रस्तावित 222 एकड़ भूमि के अधिग्रहण को लेकर आयोग को शिकायत प्राप्त हुई है। इस संबंध में रांची जिला प्रशासन और राजस्व विभाग से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। आयोग ने यह जानकारी भी तलब की है कि कितने रैयतों की जमीन अधिग्रहित की गई, कितने लोगों को मुआवजा मिला, उन्हें कितनी भूमि के बदले कितना भुगतान किया गया और पूरी प्रक्रिया किस प्रकार पूरी की गई।
डॉ. आशा लकड़ा ने कहा कि आयोग रिम्स-2 के निर्माण का विरोध नहीं कर रहा है, लेकिन यदि किसानों और जनजातीय समुदाय की उपजाऊ जमीन पर विवाद है, तो सरकार को परियोजना के लिए वैकल्पिक स्थान पर भी विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि दूरदराज के आदिवासी इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी अधिक गंभीर समस्या है, इसलिए विकास कार्य स्थानीय लोगों के अधिकारों और हितों को ध्यान में रखकर किए जाने चाहिए।
सुनवाई के दौरान आयोग ने बोकारो जिले के बैदकारो, चड़कापनिया और बेरमो क्षेत्र में ग्राम सभा की अनुमति के बिना बड़ी संख्या में पेड़ काटे जाने के मामले को भी गंभीरता से लिया। आयोग ने पूरे प्रकरण की जांच के आदेश दिए हैं और जांच पूरी होने तक संबंधित क्षेत्र में खनन गतिविधियों पर रोक लगाने का निर्देश दिया है।
इसके अलावा दखल-दिहानी और बकास-भुइहरी जमीन से जुड़े मामलों में आयोग ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नामकुम के हरातू गांव की नूतन पाहन से जुड़े मामले में आयोग ने बताया कि उसके पूर्व आदेश के अनुसार 13 जुलाई को दखल-दिहानी की कार्रवाई कराई जाएगी।
आयोग ने अपने आगामी कार्यक्रम की भी जानकारी दी। इसके तहत मंगलवार को सुबह 11 बजे आयोग की टीम रिम्स का निरीक्षण करेगी, जबकि दोपहर 2 बजे आईआईएम रांची में समीक्षा बैठक आयोजित होगी। वहीं 8 जुलाई को आयोग रांची विश्वविद्यालय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय में समीक्षा बैठक करेगा।

