Ramgarh: भुरकुंडा थाना क्षेत्र के पुराना सेंट्रल स्कूल के पास पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में कुख्यात गैंग से जुड़े एक आरोपी को गोली लग गई। घायल आरोपी की पहचान शिवराज राम उर्फ शिवा डोम के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर इलाज के लिए अस्पताल भेज दिया है।
रामगढ़ के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत ने बताया कि रांची, धनबाद और रामगढ़ पुलिस को सूचना मिली थी कि शिवा किसी बड़ी आपराधिक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में रामगढ़ में छिपा हुआ है। इसके बाद संयुक्त पुलिस टीम ने छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने चार हथियार खरीदने की बात स्वीकार की और बताया कि इनमें से दो हथियार उसने अपने एक साथी के पास रखे हैं, जबकि दो अन्य छिपाकर रखे गए हैं।

एसपी के अनुसार, हथियार बरामद कराने के दौरान शिवराज ने पुलिस टीम पर जानलेवा फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा के तहत गोली चलाई, जिसमें आरोपी के दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल शिवराज को पहले भुरकुंडा सीसीएल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया गया।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि शिवराज पहले राहुल दुबे और श्रीवास्तव गिरोह के लिए काम करता था। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाल के दिनों में वह गैंगस्टर प्रिंस खान के गिरोह के संपर्क में था। पुलिस के मुताबिक, वह 14 मई को जेल से रिहा हुआ था।
शिवराज की निशानदेही पर पुलिस ने कुज्जू थाना क्षेत्र के तोपा इलाके में छापेमारी की। वहां से आरिज आलम के पास से दो पिस्टल और 21 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। वहीं शिवराज के कब्जे से दो पिस्टल और 59 जिंदा कारतूस मिले। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल चार पिस्टल और 80 जिंदा कारतूस जब्त किए हैं।
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पुलिस अब बरामद हथियारों की फॉरेंसिक जांच करा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किन-किन आपराधिक घटनाओं में हुआ है और इनके पीछे सक्रिय हथियार आपूर्ति नेटवर्क कौन संचालित कर रहा था। मामले में अन्य संदिग्धों की तलाश में पुलिस की छापेमारी लगातार जारी है।
एसपी ने कहा कि इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और हथियार तस्करी से जुड़े नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।


