Ranchi : झारखंड में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत 63 लाख से अधिक मतदाता अब निर्वाचन आयोग की जांच के दायरे में हैं। ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद इन मतदाताओं को नोटिस भेजकर आवश्यक दस्तावेज और जवाब मांगा जाएगा। इनमें नो मैपिंग, डेमोग्राफिकल सीमिलर एंट्री (DSE) और तार्किक विसंगति वाली श्रेणियों के मतदाता शामिल हैं।
ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार राज्य में कुल 2,21,01,249 मतदाता दर्ज हैं। इनमें 63,24,116 मतदाताओं को निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी के स्तर से नोटिस भेजे जाने हैं। सबसे बड़ी संख्या तार्किक विसंगति वाली श्रेणी में है, जिसमें 45,55,227 मतदाता शामिल हैं। वहीं नो मैपिंग श्रेणी में 14,03,205 और डेमोग्राफिकल सीमिलर एंट्री के आधार पर 3,65,68 मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने गुरुवार को निर्वाचन सदन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में ड्राफ्ट मतदाता सूची के बाद चल रही दावा-आपत्ति प्रक्रिया की समीक्षा की गई। जिन विधानसभा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में दावे और आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, वहां अतिरिक्त सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारियों की नियुक्ति के लिए सक्षम अधिकारियों की सूची उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है।
तार्किक विसंगति वाले मतदाताओं में ऐसे लोग शामिल हैं, जिनका नाम पिछली SIR सूची से मेल खाता है, लेकिन नाम, माता-पिता के नाम या जन्मतिथि में अंतर है। इसके अलावा एक से अधिक स्थानों पर मतदाता सूची में नाम दर्ज होने जैसी स्थिति भी जांच के दायरे में आएगी। इसी तरह नो मैपिंग वाले मतदाताओं के दस्तावेजों और रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा।
बिना सुनवाई नहीं हटेगा किसी का नाम
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि नो मैप या तार्किक विसंगति वाली श्रेणी में आने वाले किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई के मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। संबंधित मतदाताओं को नियमानुसार नोटिस जारी किया जाएगा और उनसे आवश्यक दस्तावेज मांगे जाएंगे। उपलब्ध दस्तावेज और तथ्यों की जांच के बाद ही सक्षम अधिकारी कारण सहित आदेश पारित करेंगे।
नोटिस मिलने के बाद मतदाता को निर्धारित तारीख पर सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी के समक्ष उपस्थित होना होगा। पहली सूचना पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में दूसरी बार लिखित नोटिस भेजा जाएगा। संबंधित मतदाता को साक्ष्य के साथ जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया जाएगा। पूरी जांच प्रक्रिया 3 अक्टूबर तक पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
5 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची में इन 63,24,116 मतदाताओं के नाम फिलहाल शामिल हैं। हालांकि, निर्धारित प्रक्रिया के दौरान यदि संबंधित मतदाता जरूरी दस्तावेज और साक्ष्य उपलब्ध नहीं करा पाते हैं, तो अंतिम मतदाता सूची में उनका नाम हटाया जा सकता है। इससे पहले ड्राफ्ट सूची तैयार करने के दौरान 43,61,987 मतदाताओं के नाम हटाए जा चुके हैं।

