Ranchi : रांची में झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ ही सचिवालय सेवा संघ ने अपनी मांगों को लेकर चरणबद्ध आंदोलन के तीसरे चरण की शुरुआत कर दी है। गुरुवार से सचिवालय सेवा के अधिकारी और कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर अपने-अपने कार्यालयों में काम कर रहे हैं। संघ ने स्पष्ट किया है कि यह विरोध सांकेतिक है और इससे सरकारी कामकाज या विधानसभा की कार्यवाही प्रभावित नहीं होगी।
संघ के अनुसार, 6 से 12 अगस्त तक चलने वाले विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान सभी अधिकारी और कर्मचारी काला बिल्ला लगाकर विरोध दर्ज कराएंगे। इस दौरान कर्मचारी अपनी नियमित प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे। संघ का कहना है कि आंदोलन का उद्देश्य सरकार का ध्यान सचिवालय सेवा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की ओर आकर्षित करना है।
इससे पहले आंदोलन के पहले चरण में 4 अगस्त को दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर प्रोजेक्ट भवन और नेपाल हाउस में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर आयोजित किया गया था। इसके बाद 5 अगस्त को दोनों परिसरों में मानव श्रृंखला बनाकर कर्मचारियों ने अपनी एकजुटता का प्रदर्शन किया। संघ का दावा है कि इन दोनों कार्यक्रमों के दौरान भी सरकारी कामकाज सामान्य रूप से चलता रहा।
सचिवालय सेवा संघ की प्रमुख मांगों में सचिवालय सेवा के हितों के खिलाफ प्रस्तावित नीतिगत बदलाव वापस लेना, सेवा हितों की सुरक्षा और संकल्प संख्या-3286 का प्रभावी क्रियान्वयन शामिल है। इसके अलावा संघ उच्च पदों के सृजन, लंबित प्रोन्नतियों को जल्द पूरा करने और सेवा से जुड़े निर्णयों में पारदर्शिता की भी मांग कर रहा है।
संघ ने सरकार पर मांगों को लेकर गंभीरता से पहल नहीं करने का आरोप लगाया है। कर्मचारियों का कहना है कि वे कई बार सरकार को ज्ञापन दे चुके हैं और प्रतिनिधिमंडल के माध्यम से बातचीत की कोशिश भी की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है। इसी वजह से कर्मचारियों को चरणबद्ध आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर 12 अगस्त तक उनकी मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। इसके अगले चरण में कलमबंद आंदोलन, सामूहिक अवकाश और जरूरत पड़ने पर हड़ताल जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। संघ का कहना है कि यह निर्णय सरकार के रुख के आधार पर लिया जाएगा।
संघ ने बताया कि आंदोलन की पूरी रूपरेखा और अपनी मांगों की जानकारी 27 जुलाई को ही मुख्य सचिव को पत्र के माध्यम से दी जा चुकी थी। इसके बावजूद समाधान नहीं निकलने पर अब तीसरे चरण का आंदोलन शुरू किया गया है। कर्मचारियों ने सरकार से मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल करने की अपील की है, ताकि आंदोलन को आगे बढ़ाने की जरूरत न पड़े।

