Ranchi : झारखंड विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन JPSC विवाद को लेकर सदन के बाहर सियासी माहौल गरमा गया। कार्यवाही शुरू होने से पहले NDA विधायकों ने विधानसभा परिसर में जोरदार नारेबाजी की और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग की। भाजपा विधायकों ने हाथों में तख्तियां लेकर JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों का समर्थन किया और पूरे मामले की CBI जांच की मांग उठाई।
विधानसभा परिसर में हुए विरोध प्रदर्शन में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, भाजपा के मुख्य सचेतक नवीन जायसवाल, विधायक नीरा यादव, उज्जवल दास समेत कई भाजपा विधायक शामिल रहे। प्रदर्शन के दौरान विधायकों ने सरकार पर छात्रों की मांगों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। विपक्ष का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच के लिए CBI जैसी केंद्रीय एजेंसी से जांच कराई जानी चाहिए।
भाजपा विधायक नीरा यादव ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC से जुड़ी परीक्षाओं में लगातार सवाल उठ रहे हैं और बड़ी संख्या में छात्र आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार CID जांच के जरिए मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। भाजपा ने 14वीं JPSC सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने, पूरे मामले की CBI जांच कराने और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से इस्तीफे की मांग की।
वहीं, विपक्ष की ओर से मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग पर मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने पलटवार किया। उन्होंने भाजपा पर इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने का आरोप लगाया और कहा कि पहले भाजपा शासनकाल में सामने आई अनियमितताओं पर जवाब देना चाहिए। मंत्री ने कहा कि विपक्ष को इस मामले में राजनीति करने के बजाय छात्रों की समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए।
सुदिव्य कुमार ने कहा कि राज्य सरकार छात्रों की मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर रही है। सरकार की ओर से मंत्रियों को छात्रों से संवाद की जिम्मेदारी दी गई है और आंदोलनरत अभ्यर्थियों के साथ बातचीत की तैयारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है और छात्रों के हितों के साथ किसी तरह का अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।
JPSC-JSSC विवाद को लेकर राजधानी रांची में छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। अभ्यर्थी परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। छात्रों के आंदोलन के बीच विधानसभा के मानसून सत्र में यह मुद्दा सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव का प्रमुख कारण बन सकता है।
मानसून सत्र के पहले ही दिन JPSC विवाद पर जिस तरह विपक्ष ने सरकार को घेरा है, उससे आने वाले दिनों में सदन के भीतर भी हंगामे के आसार बढ़ गए हैं। एक तरफ विपक्ष CBI जांच और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा है, तो दूसरी ओर सरकार छात्रों से बातचीत और जांच प्रक्रिया के जरिए समाधान की बात कर रही है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि सरकार और आंदोलनरत छात्रों के बीच होने वाली बातचीत से क्या रास्ता निकलता है।

