Giridihi : सावन माह में बाबा बैद्यनाथ धाम जाने वाले कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए गिरिडीह पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर हाई अलर्ट जारी किया है। जिले से होकर गुजरने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए पुलिस लगातार निगरानी कर रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि कांवड़ियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. बिमल कुमार स्वयं देर रात विभिन्न मार्गों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा ले रहे हैं। उन्होंने रास्ते में मिले कांवड़ियों से बातचीत कर उनकी सुविधाओं और सुरक्षा संबंधी जानकारी ली। साथ ही जिले के सभी पुलिस अधिकारियों को संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त और सतर्कता बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
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शनिवार देर रात एसपी गिरिडीह-डुमरी मार्ग पर पहुंचे, जहां उन्होंने बराकर क्षेत्र के होटल संचालकों से मुलाकात की। उन्होंने होटल मालिकों से अनुरोध किया कि कांवड़ियों की सुविधा को देखते हुए रात तक अपने प्रतिष्ठान खुले रखें, ताकि यात्रियों को भोजन और विश्राम की सुविधा मिल सके। इस दौरान एसडीपीओ जीतबाहन उरांव और मुफस्सिल थाना प्रभारी श्याम किशोर महतो को भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
इसके बाद एसपी डुमरी पहुंचे, जहां प्रेस क्लब डुमरी द्वारा लगाए गए सेवा शिविर का निरीक्षण किया। उन्होंने डुमरी एसडीपीओ आबिद खान, निमियाघाट थाना प्रभारी सुमन कुमार और डुमरी थाना प्रभारी श्रीकांत के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और कांवड़ यात्रा मार्ग पर अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान एसपी चिरकी क्षेत्र भी पहुंचे, जहां पेट्रोल पंप के पास विश्राम कर रहे उत्तर प्रदेश से आए कांवड़ियों से बातचीत की। उन्होंने उनकी यात्रा से जुड़ी आवश्यकताओं की जानकारी ली और पीरटांड़ थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह को निर्देश दिया कि इन श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जाए।
एसपी डॉ. बिमल कुमार ने कहा कि रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक का समय सबसे संवेदनशील माना गया है। इसी कारण इस दौरान विशेष चौकसी बरती जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी एसडीपीओ, डीएसपी, इंस्पेक्टर, थाना प्रभारी और पुलिस जवान पूरी रात मुस्तैदी से ड्यूटी करेंगे और जरूरत पड़ने पर “चार घंटे तक पलक भी नहीं झपकाएंगे”, ताकि कांवड़ियों की यात्रा पूरी तरह सुरक्षित और निर्बाध बनी रहे।
गिरिडीह पुलिस का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में कांवड़ियों के साथ किसी बड़ी आपराधिक घटना की सूचना नहीं मिली है, फिर भी एहतियात के तौर पर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे बिना किसी भय के अपनी धार्मिक यात्रा पूरी कर सकें।

