Garhwa: गढ़वा पुलिस ने 19 जुलाई को बढ़गढ़ थाना क्षेत्र में हुई दीपक कुजूर हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग और एक बच्चे को अपने पास लाने की साजिश मुख्य वजह थी। मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (SIT) ने पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया।
गढ़वा के पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने बताया कि पलामू निवासी चश्मा व्यवसायी मातीन अख्तर का अपनी दुकान में काम करने वाली एक आदिवासी महिला के साथ पिछले करीब 10 वर्षों से प्रेम संबंध था। इस दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने, जिससे महिला गर्भवती हो गई। बाद में महिला के पिता ने उसकी शादी सिमडेगा निवासी नौकरीपेशा युवक दीपक कुजूर से कर दी।
पुलिस के मुताबिक, शादी के लगभग चार महीने बाद महिला ने बच्चे को जन्म दिया। जांच में सामने आया कि मातीन अख्तर उस बच्चे को अपने पास रखना चाहता था। इसी उद्देश्य से उसने दीपक कुजूर को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
एसपी ने बताया कि आरोपियों ने पहले सिमडेगा में हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन मौका नहीं मिलने पर वारदात को उस समय अंजाम दिया, जब दीपक कुजूर अपनी ससुराल रमकांडा से बाइक पर सवार होकर सिमडेगा लौट रहा था। भंडरिया-बढ़गढ़ मार्ग के जंगल क्षेत्र में आरोपियों ने उसे रोककर गोली मार दी।
पुलिस के अनुसार, वारदात के दौरान दीपक कुजूर ने अपनी जान बख्शने की गुहार लगाई थी। उसने कथित तौर पर आरोपियों से कहा था कि वह बच्चे को उन्हें सौंप देगा, लेकिन इसके बावजूद हमलावरों ने उसकी गोली मारकर हत्या कर दी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार है। गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर दो देसी पिस्टल, 18 जिंदा कारतूस, एक स्कॉर्पियो और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।
एसपी आशुतोष शेखर ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा रही है।



