Ranchi : छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह ने सोमवार को रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में झारखंड की भर्ती प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने JPSC और JSSC की विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक के आरोपों और जांच की स्थिति पर चिंता जताते हुए सभी विवादित मामलों की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।
कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में JPSC और JSSC की कई प्रतियोगी परीक्षाएं विवादों में रही हैं। पेपर लीक के आरोप, भर्ती प्रक्रिया पर उठे सवाल, परिणामों में देरी और अभ्यर्थियों की शिकायतों के समाधान में पारदर्शिता की कमी ने लाखों युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उन्होंने कहा कि योग्य अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती व्यवस्था जरूरी है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सबसे पहले JSSC सीजीएल पेपर लीक मामले का मुद्दा उठाया। उन्होंने सवाल किया कि यदि मामले की जांच पूरी हो चुकी है, तो सीआईडी की अंतिम जांच रिपोर्ट अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं की गई। उन्होंने सरकार से रिपोर्ट सार्वजनिक कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की मांग की।
उन्होंने JSSC सीजीएल भर्ती में अभय तिवारी की नियुक्ति को लेकर उठे विवाद का भी जिक्र किया और इसकी स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उनका कहना था कि जांच का परिणाम सार्वजनिक किया जाए, ताकि अभ्यर्थियों के बीच बनी शंकाएं और भ्रम दूर हो सकें।
कुणाल प्रताप सिंह ने JPSC और JSSC की उन सभी भर्ती परीक्षाओं की स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराने की मांग की, जिनमें अनियमितताओं के आरोप लगे हैं। उन्होंने कहा कि यदि जांच में कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने TDPL कंपनी द्वारा आयोजित JPSC परीक्षाओं की भी समीक्षा कराने की मांग उठाई। उनका कहना था कि यदि जांच में किसी प्रकार की गंभीर अनियमितता सामने आती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए आधुनिक तकनीक आधारित सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की जरूरत है।
छात्र नेता ने कहा कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि झारखंड के लाखों युवाओं के भविष्य और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था के लिए है। उन्होंने सरकार से सभी विवादित भर्ती मामलों की पारदर्शी जांच कराने, अभ्यर्थियों की शिकायतों के समाधान के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की।



