Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में झारखंड मंत्रालय में सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं, ई-गवर्नेंस परियोजनाओं और डिजिटल सेवाओं के विस्तार की प्रगति की समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव पूजा सिंघल, विशेष सचिव सुनील कुमार सिंह, आईटी निदेशक माधवी मिश्रा, जैप-आईटी के सीईओ चंदन कुमार सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में डिजिटल झारखंड विजन 2029 को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने आईटी पार्क निर्माण की रूपरेखा और प्रस्तावित साइट प्लान प्रस्तुत किया, जिस पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इसके साथ ही साइबर सुरक्षा, डेटा प्रबंधन, सरकारी सेवाओं के डिजिटलीकरण और आईटी आधारित नवाचारों को गति देने पर भी विचार-विमर्श किया गया।
मुख्यमंत्री ने ‘चीफ मिनिस्टर डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म’ के विकास पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी विभागों और जिलों में आईटी अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि सरकारी कार्यों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ सके। उन्होंने सभी विभागों के डेटा और पोर्टलों को एकीकृत करने के निर्देश भी दिए, जिससे निर्णय प्रक्रिया अधिक प्रभावी और समन्वित हो सके। बैठक में झारखंड स्टेट डेटा सेंटर को और मजबूत बनाने तथा डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर भी चर्चा हुई।
हेमंत सोरेन ने कहा कि डिजिटल झारखंड का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब तकनीक का लाभ राज्य के दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि डिजिटल सेवाओं का विस्तार अंतिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाए, ताकि कोई भी नागरिक सरकारी सुविधाओं और सूचना से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीकों का प्रभावी उपयोग प्रशासन को अधिक जवाबदेह, पारदर्शी और जनहितैषी बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने झारखंड डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड के कार्यों की समीक्षा करते हुए राज्य के डिजिटल ढांचे की व्यापक मैपिंग कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अगले तीन वर्षों में राज्य की सभी पंचायतों को 5G नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित करने को कहा, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेज और विश्वसनीय डिजिटल कनेक्टिविटी उपलब्ध हो सके। साथ ही भारतनेट फेज-3, कनेक्टिंग झारखंड और स्टेट वाइड नेटवर्क जैसी प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
बैठक में जैप-आईटी में रिक्त पदों को शीघ्र भरने, पुलिस थानों में सीसीटीवी नेटवर्क, LiDAR और सैटेलाइट आधारित परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के डेटा को एक समान प्रारूप में केंद्रीकृत करने, अत्याधुनिक साइबर सुरक्षा तंत्र विकसित करने और नियमित सुरक्षा ऑडिट सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने राज्य के इंटरनेट शैडो क्षेत्रों की पहचान कर वहां चरणबद्ध तरीके से नेटवर्क विस्तार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झारखंड का कोई भी गांव, कस्बा या शहर डिजिटल सेवाओं से वंचित नहीं रहना चाहिए। साथ ही जिला न्यायालयों में उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम लगाने का सुझाव देते हुए उन्होंने कहा कि राज्य का विकास केवल आईटी पार्क तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि आईटी उद्योगों, स्टार्टअप संस्कृति, नवाचार, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देकर एक मजबूत आईटी इकोसिस्टम विकसित किया जाना चाहिए।


