Dhanbad : धनबाद के बलियापुर स्थित सरकारी पशु अस्पताल एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। अस्पताल में तैनात एक पशु चिकित्सक और दो कर्मचारियों पर चार मवेशियों के मृत्यु प्रमाण पत्र जारी करने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा है। इस मामले की शिकायत पीड़ित परिवार ने सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो से की, जिसके बाद मामला तूल पकड़ गया।
विधायक चंद्रदेव महतो ने बताया कि पिछले सप्ताह वज्रपात की घटना में बलियापुर की एक महिला के दो बैल, एक गाय और एक बछड़े की मौत हो गई थी। आपदा राहत योजना के तहत मुआवजा पाने के लिए परिवार को मवेशियों का मृत्यु प्रमाण पत्र आवश्यक था, लेकिन आरोप है कि प्रमाण पत्र जारी करने के लिए उनसे पैसे मांगे गए।
आरोप है कि पीड़ित महिला कई दिनों तक प्रमाण पत्र बनवाने के लिए सरकारी पशु अस्पताल का चक्कर लगाती रही, लेकिन उसे राहत नहीं मिली। विधायक ने मीडिया के सामने एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी साझा की, जिसमें पैसे मांगने का दावा किया गया है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
मामला उस समय और गंभीर हो गया जब पंचायत समिति के सदस्य शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे। आरोप है कि वहां मौजूद दो कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट की। इस घटना की जांच फिलहाल पुलिस द्वारा की जा रही है।
विधायक चंद्रदेव महतो ने कहा कि पीड़ित परिवार पूरी तरह खेती और पशुपालन पर निर्भर है। चार मवेशियों की मौत से उनकी आजीविका पर गहरा असर पड़ा है। ऐसे समय में सरकारी सहायता मिलने के बजाय यदि प्रमाण पत्र के लिए पैसे मांगे जाते हैं, तो यह बेहद गंभीर मामला है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
उन्होंने बताया कि इस पूरे प्रकरण की जांच सदाचार समिति भी कर रही है। विधायक के अनुसार संबंधित पशु चिकित्सक के खिलाफ पहले भी कई शिकायतें समिति के पास पहुंच चुकी हैं। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को शीघ्र राहत दिलाने की मांग की है।
फिलहाल मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर जांच की मांग तेज हो गई है। अब सभी की निगाहें पुलिस और सदाचार समिति की जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि लगाए गए आरोप कितने सही हैं और दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।


