Latehar : नगर क्षेत्र के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के उद्देश्य से शुक्रवार को पंडित दीनदयाल भवन में लातेहार नगर पंचायत बोर्ड की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह ने की, जिसमें शहर के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और यातायात व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए सात प्रमुख विकास योजनाओं को मंजूरी दी गई।
बैठक में नगर पंचायत के लिए आवश्यक संसाधनों की खरीद को स्वीकृति दी गई। इनमें पानी टैंकर, स्प्रिंकलर मशीन, टोइंग मशीन, ट्रैक्टर सहित अन्य उपयोगी उपकरण शामिल हैं। नगर प्रशासन का मानना है कि इन संसाधनों की उपलब्धता से साफ-सफाई, जलापूर्ति और अन्य नगर सेवाओं को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
शहर में बढ़ती आवारा पशुओं की समस्या को देखते हुए बैठक में एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) योजना लागू करने पर भी सहमति बनी। इस योजना के माध्यम से आवारा पशुओं की संख्या नियंत्रित करने और नागरिकों को होने वाली परेशानियों को कम करने का प्रयास किया जाएगा।
बैठक में पर्यावरण संरक्षण को लेकर भी अहम निर्णय लिया गया। जायत्री नदी की सफाई के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कराने का फैसला किया गया, ताकि नदी की नियमित और वैज्ञानिक तरीके से सफाई सुनिश्चित की जा सके। इससे नदी के संरक्षण के साथ-साथ आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता में भी सुधार होने की उम्मीद है।
बोर्ड ने नगर पंचायत की विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की। इसके अलावा डुडवा और थाना चौक स्थित टेंपो स्टैंड की बंदोबस्ती, थाना चौक के समीप सब्जी बाजार की व्यवस्था तथा नगर क्षेत्र में यातायात और बाजार प्रबंधन को बेहतर बनाने के उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। वार्ड सदस्यों ने इन विषयों पर अपने सुझाव भी प्रस्तुत किए।
बैठक में नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन, उपाध्यक्ष संतोष रंजन, वार्ड सदस्य इंद्रदेव उरांव, गुड़िया सिन्हा, संयुक्ता कुंवर, मनोज दास, नसरूद्दीन अंसारी, मनोज प्रसाद, मुस्तरी बीबी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। सभी ने विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया।
नगर पंचायत बोर्ड ने बैठक में लिए गए सभी निर्णयों को जल्द धरातल पर उतारने पर सहमति जताई। प्रशासन का कहना है कि इन योजनाओं के क्रियान्वयन से नगर क्षेत्र में स्वच्छता, यातायात, जल प्रबंधन और सार्वजनिक सुविधाओं में सुधार होगा तथा लोगों को बेहतर नागरिक सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।


