Hazaribagh: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के उद्देश्य से हजारीबाग में योजना सहायता केंद्र का उद्घाटन किया गया। स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल ने केंद्र का शुभारंभ करते हुए कहा कि यह योजना लोगों को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ बिजली बिल के खर्च से राहत दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत घरों की छत पर सोलर पैनल लगाए जाते हैं, जिससे लाभुकों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही सरकार सोलर सिस्टम लगाने की लागत पर आकर्षक सब्सिडी भी प्रदान करती है, जिससे आम लोगों के लिए यह योजना और अधिक किफायती बन जाती है।
योजना के तहत सरकार एक किलोवाट क्षमता के सोलर सिस्टम पर 30,000 रुपये, दो किलोवाट पर 60,000 रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सिस्टम पर अधिकतम 78,000 रुपये तक की सब्सिडी सीधे लाभुक के बैंक खाते में भेजती है। इससे लोगों पर शुरुआती निवेश का बोझ काफी कम हो जाता है।
सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि इस योजना का लाभ उठाकर लोग न केवल बिजली बिल से राहत पा सकते हैं, बल्कि अतिरिक्त बिजली का उत्पादन होने पर उसे बिजली ग्रिड को बेचकर आय भी अर्जित कर सकते हैं। उन्होंने इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐसी पहल बताया, जो स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के साथ आम नागरिकों को आर्थिक रूप से भी सशक्त बनाएगी।
हजारीबाग के बंसीलाल चौक के समीप स्थापित इस सहायता केंद्र में योजना से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की जानकारी और आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्र के संचालक हेमंत कुमार ने बताया कि कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकता है। आवेदन ऑनलाइन दर्ज होने के बाद विभाग की टीम घर का निरीक्षण करेगी और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने पर सोलर पैनल स्थापित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल मुफ्त बिजली उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि लोगों को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करना भी है। इससे बिजली कटौती की समस्या में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार का मानना है कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना देश में सौर ऊर्जा के उपयोग को नई गति देगी। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से लाखों परिवारों को कम लागत में बिजली उपलब्ध होगी, साथ ही अतिरिक्त बिजली बेचकर आय अर्जित करने का अवसर भी मिलेगा, जिससे ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा को और मजबूती मिलेगी।

