Dhanbad : केंदुआडीह क्षेत्र में लगातार हो रहे भू-धंसान और गैस रिसाव की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने धनबाद-बोकारो मुख्य सड़क को दोबारा खोलने से पहले वैज्ञानिक जांच कराने का निर्णय लिया है। प्रशासन का कहना है कि प्रभावित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन वैज्ञानिक तरीके से खुदाई के बाद ही किया जाएगा। जांच पूरी होने और सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही सड़क को यातायात के लिए खोला जाएगा।
इस मुद्दे पर समाहरणालय में उपायुक्त आदित्य रंजन और एसएसपी प्रभात कुमार की संयुक्त अध्यक्षता में जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक आयोजित हुई। बैठक में सांसद, विधायक, जिला परिषद अध्यक्ष, बीसीसीएल, डीजीएमएस, आईआईटी (आईएसएम), सिंफर और अन्य तकनीकी संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य बंद पड़ी धनबाद-बोकारो सड़क को सुरक्षित तरीके से चालू करने की रणनीति तैयार करना था।
बैठक में जनप्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि सड़क खोलने से पहले क्षतिग्रस्त क्षेत्र के नीचे वैज्ञानिक ढंग से खुदाई कर यह पता लगाया जाए कि जमीन के भीतर की वास्तविक स्थिति क्या है। इस पर सहमति बनाते हुए तय किया गया कि बीसीसीएल 10 जुलाई तक खुदाई कार्य के लिए विस्तृत स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार कर जिला प्रशासन को सौंपेगा।
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एसओपी के आधार पर सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए खुदाई शुरू की जाएगी। इस दौरान प्रभावित इलाके के लोगों को अस्थायी राहत शिविरों में स्थानांतरित किया जाएगा और पूरे क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में रखा जाएगा। खुदाई और निरीक्षण का कार्य डीजीएमएस, आईआईटी (आईएसएम), सिंफर तथा अन्य तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में किया जाएगा। तकनीकी रिपोर्ट मिलने के बाद ही यह तय होगा कि सड़क को दोबारा खोलना सुरक्षित है या नहीं।
बैठक में सांसद ढुलू महतो ने कहा कि सड़क लंबे समय से बंद रहने के कारण आम लोगों को काफी परेशानी हो रही है, इसलिए जल्द समाधान निकालना जरूरी है। विधायक राज सिन्हा ने कहा कि बीसीसीएल पहले भी धंसी हुई कई सड़कों की मरम्मत कर उन्हें चालू कर चुका है। वहीं विधायक अरूप चटर्जी ने क्षेत्र की गहराई तक वैज्ञानिक खुदाई कराने की जरूरत बताई। विधायक रागिनी सिंह, विधायक चंद्रदेव महतो और जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह ने भी सभी तकनीकी जांच पूरी करने के बाद ही सड़क शुरू करने पर जोर दिया।
बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए बीसीसीएल के सीएमडी मनोज कुमार अग्रवाल ने प्रशासन को भरोसा दिलाया कि कंपनी निर्धारित समय सीमा के भीतर एसओपी तैयार कर आवश्यक तैयारियां पूरी करेगी। वहीं डीजीएमएस, आईआईटी (आईएसएम) और सिंफर के विशेषज्ञों ने खुदाई और सुरक्षा से जुड़े तकनीकी पहलुओं पर अपने सुझाव दिए। स्थानीय पार्षदों और केंदुआ क्षेत्र के रैयतों ने भी अपनी समस्याएं और सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे।
बैठक के अंत में उपायुक्त आदित्य रंजन ने राजपूत बस्ती के रैयतों को अपने आवेदन लैंड सेल में जमा करने का निर्देश दिया तथा करमाटांड़ क्षेत्र का विशेष सर्वे कराने की बात कही। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि भविष्य में यदि बीसीसीएल प्रशासन की अनुमति के बिना किसी सरकारी सड़क, बिजली के खंभे या पाइपलाइन के आसपास कार्य करता है और उससे नुकसान होता है, तो संबंधित महाप्रबंधक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



