Ranchi : राजधानी रांची के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान 18 वर्षीय युवक की मौत के बाद विवाद खड़ा हो गया है। लातेहार निवासी राजू कुमार रंजन सड़क दुर्घटना में पैर टूटने के बाद इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती हुआ था। परिजनों का आरोप है कि इलाज में गंभीर लापरवाही के कारण उसकी मौत हो गई। वहीं, युवक की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा 22 लाख रुपये का बिल सौंपे जाने से परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा।
घटना को लेकर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोशल मीडिया पर सामने आए मामले का संज्ञान लेते हुए रांची जिला प्रशासन को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रांची प्रशासन सक्रिय हो गया है। उपायुक्त ने सिविल सर्जन को मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी है और अस्पताल के इलाज, रिकॉर्ड तथा चिकित्सकीय प्रक्रियाओं की जांच के लिए जिला स्तरीय विशेष जांच टीम का गठन किया है। यह टीम पूरे मामले की जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रशासन को सौंपेगी।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने भी मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार को उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर समयबद्ध और निष्पक्ष जांच कराने का निर्देश दिया है। मंत्री ने कहा कि यदि अस्पताल जांच में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों के अनुसार, 24 मई को सड़क दुर्घटना में घायल होने के बाद राजू कुमार रंजन को पैर के इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनका आरोप है कि इलाज के दौरान कई दिनों तक घाव की ड्रेसिंग नहीं की गई, जिससे पैर में गंभीर संक्रमण फैल गया। हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
युवक की मौत के बाद अस्पताल द्वारा 22 लाख रुपये का बिल थमाए जाने पर परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि जब चोट केवल पैर में थी, तो संक्रमण इतना गंभीर कैसे हो गया कि मरीज की जान चली गई। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
परिजनों के विरोध के बाद राजू कुमार रंजन के शव का पोस्टमार्टम रिम्स में कराया गया। अब जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।


