Palamu: झारखंड के पलामू जिले में पुलिस ने चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले कुख्यात “हथौड़ा गैंग” का पर्दाफाश करते हुए गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में खाली घरों को निशाना बनाता था और चोरी के लिए हथौड़े सहित अन्य औजारों का इस्तेमाल करता था। पुलिस की इस कार्रवाई से इलाके में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर लगाम लगने की उम्मीद जताई जा रही है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों ने पिछले एक वर्ष के दौरान जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कई चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया है। उनके पास से सोना-चांदी के आभूषण, नकदी तथा चोरी में प्रयुक्त औजार बरामद किए गए हैं। मामले में एक ज्वेलरी कारोबारी को भी गिरफ्तार किया गया है, जो गिरोह से चोरी का सामान खरीदता था। जांच में दोनों के बीच 10 लाख रुपये से अधिक के लेन-देन का खुलासा हुआ है।
इस गिरोह का खुलासा 3 मार्च को पड़वा थाना क्षेत्र में मिथिलेश कुमार मेहता के घर हुई चोरी की घटना की जांच के दौरान हुआ। इस मामले में दो लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई थी, जो घटना के बाद फरार हो गए थे। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर मुख्य आरोपी पंकज कुमार और कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया, जो पड़वा थाना क्षेत्र के निवासी हैं।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने उनके सहयोगी किशन कुमार और संजीव कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा, चोरी के आभूषणों की खरीद-फरोख्त में संलिप्त ज्वेलरी कारोबारी अनुरंजन सोनी को भी पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस को उसके खिलाफ कई ठोस साक्ष्य प्राप्त हुए हैं, जिससे गिरोह की गतिविधियों का पूरा नेटवर्क सामने आया है।
डीएसपी राजेश यादव ने बताया कि यह गिरोह पड़वा और नौडीहा बाजार सहित कई इलाकों में सक्रिय था। चौंकाने वाली बात यह रही कि नौडीहा बाजार में एक आरोपी ने अपने ही मामा के घर में चोरी की घटना को अंजाम दिया, जबकि पाटन क्षेत्र में फोन पर बातचीत के माध्यम से एक महिला के घर की जानकारी जुटाकर उसे निशाना बनाया गया। गिरोह पहले घरों की रेकी करता था और उनके खाली होने की पुष्टि के बाद वारदात को अंजाम देता था।
पुलिस की इस सफल कार्रवाई में डीएसपी राजेश यादव के नेतृत्व में इंस्पेक्टर सुरेश मंडल, पड़वा थाना प्रभारी अंचित कुमार, सब-इंस्पेक्टर चिंटू कुमार, विजय कुमार मेहता सहित कई पुलिस अधिकारी शामिल रहे। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और उनसे पूछताछ के आधार पर अन्य संभावित मामलों की भी जांच की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस की सराहना की है और उम्मीद जताई है कि जिले में कानून-व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। पुलिस ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।


