Bokaro: Damodar Valley Corporation (डीवीसी) के बोकारो थर्मल पावर प्लांट में रविवार सुबह एक बड़ा हादसा टल गया। एक बेकाबू मालगाड़ी ने रेलवे गेट तोड़ते हुए बाहर निकलकर एक स्कॉर्पियो को अपनी चपेट में ले लिया, हालांकि चालक की सूझबूझ से उसकी जान बच गई।
घटना सुबह करीब 7 बजे की है, जब कोयला खाली कर चुकी मालगाड़ी अचानक नियंत्रण से बाहर हो गई। तेज रफ्तार में गाड़ी प्लांट का गेट तोड़ते हुए बाहर निकली और ट्रैक के पास खड़ी स्कॉर्पियो को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि मालगाड़ी स्कॉर्पियो को करीब 400 से 500 मीटर तक घसीटते हुए ले गई। स्कॉर्पियो चला रहे अमरदीप ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत वाहन से कूदकर अपनी जान बचाई, लेकिन गाड़ी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।
बताया जा रहा है कि सुबह करीब 4 बजे कोयले से लदा रैक प्लांट में दाखिल हुआ था और 7 बजे तक खाली कर दिया गया। इसके बाद ही यह हादसा हुआ, जिससे रेलवे और रैक प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थिति और गंभीर हो सकती थी, क्योंकि उसी समय गोमो-चोपन पैसेंजर ट्रेन के आने का समय था। सौभाग्य से मेन लाइन का गेट बंद था, अन्यथा एक बड़ा रेल हादसा हो सकता था।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, रेलवे अधिकारी और Central Industrial Security Force (CISF) की टीम मौके पर पहुंची। बोकारो थर्मल थाना प्रभारी पिंकू कुमार यादव, स्टेशन मैनेजर शैलेश कुमार और सीआईएसएफ निरीक्षक प्रशांत कुमार प्रसून ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
प्रारंभिक जांच में रैक चालक अरुण कुमार की भूमिका की जांच की जा रही है और सुरक्षा मानकों में लापरवाही की आशंका जताई जा रही है। इस घटना को लेकर डीवीसी कर्मियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी है, उनका कहना है कि यदि ओवरब्रिज का निर्माण समय पर हो गया होता, तो इस तरह की घटना से बचा जा सकता था।
