Ranchi : झारखंड की राजधानी Ranchi में 25 अप्रैल को राजनीतिक हलचल तेज होने वाली है। Bharatiya Janata Party (बीजेपी) ने महिला आरक्षण विधेयक, यानी Nari Shakti Vandan Adhiniyam 2023 को लेकर विशाल आक्रोश मार्च निकालने की घोषणा की है। यह मार्च हेमंत सोरेन सरकार के दूसरे कार्यकाल में भाजपा का पहला बड़ा आंदोलन माना जा रहा है।
पार्टी इस प्रदर्शन के जरिए एक साथ कई राजनीतिक संदेश देने की तैयारी में है। एक ओर जहां भाजपा विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस, पर महिला विरोधी होने का आरोप लगा रही है, वहीं दूसरी ओर राज्य में महिलाओं और नाबालिग बच्चियों की सुरक्षा को लेकर सत्तारूढ़ सरकार को घेरने की रणनीति बना रही है।
भाजपा के पूर्व प्रवक्ता Dindayal Barnwal ने कहा कि महिला आरक्षण बिल पर कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का रुख जनता के सामने स्पष्ट हो चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष ने महिलाओं के राजनीतिक अधिकारों का विरोध किया है, जिससे महिलाओं के सशक्तिकरण को नुकसान पहुंचा है।
पार्टी का दावा है कि अब जनता ऐसे दलों को जवाब देने के लिए तैयार है। इसी क्रम में हजारों महिला कार्यकर्ता और समर्थक सड़कों पर उतरेंगे और अपने अधिकारों के समर्थन में आवाज उठाएंगे। भाजपा इस मार्च को जनआंदोलन का रूप देने की कोशिश में है।
हाल ही में नाबालिग बच्चियों की गुमशुदगी के मामलों पर राज्यपाल की नाराजगी ने भी इस आंदोलन को और धार दे दी है। भाजपा इसे राज्य सरकार की कानून-व्यवस्था की विफलता के रूप में पेश कर रही है और इसी मुद्दे को आंदोलन का बड़ा आधार बना रही है।
आक्रोश मार्च सुबह 10 बजे Morabadi Maidan से शुरू होकर मेन रोड तक जाएगा। इस दौरान रांची समेत रामगढ़, खूंटी, लोहरदगा और अन्य जिलों से बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। मार्च का नेतृत्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष Aditya Sahu करेंगे और कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भी अपेक्षित है।
इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पार्टी ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। राजधानी के प्रमुख इलाकों में बैनर-पोस्टर लगाए जा रहे हैं, बाहर से आने वाले कार्यकर्ताओं के लिए ठहरने की व्यवस्था की जा रही है और गर्मी को देखते हुए पानी सहित अन्य सुविधाओं का इंतजाम किया जा रहा है।
भाजपा का कहना है कि यह मार्च केवल महिला आरक्षण के समर्थन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि यह राज्य में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों को लेकर सरकार को घेरने का बड़ा मंच बनेगा। कुल मिलाकर, 25 अप्रैल का यह आक्रोश मार्च झारखंड की राजनीति में नई गर्माहट लाने वाला साबित हो सकता है।

