Ranchi: झारखंड की राजधानी Ranchi में गुरुवार को ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम पहल की गई। Rural Development Department Jharkhand और Jharkhand State Livelihood Promotion Society (JSLPS) की ओर से आयोजित राउंड टेबल बैठक में राज्य के लिए अलग ग्रामीण महिला नीति बनाने पर गंभीर चर्चा हुई। इस बैठक का उद्देश्य महिलाओं के नेतृत्व, आजीविका और उद्यमिता को मजबूत करना था।
कार्यक्रम में राज्य की ग्रामीण विकास मंत्री Deepika Pandey Singh, कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता Supriya Shrinate, कृषि मंत्री Shilpi Neha Tirkey, विधायक Shweta Singh, पूर्व मंत्री Dr. Louis Marandi समेत कई प्रमुख हस्तियां मौजूद रहीं। इसके अलावा सामाजिक कार्यकर्ता Dayamani Barla, पद्मश्री सम्मानित Chhutni Devi और Chami Murmu ने भी अपने विचार रखे।
बैठक के दौरान दयामणि बारला ने राज्य सरकार द्वारा महिला सशक्तीकरण के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए स्पष्ट रूप से कहा कि झारखंड में ग्रामीण महिलाओं के लिए अलग और व्यापक महिला नीति की आवश्यकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मौजूदा सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।
उनकी इस मांग पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस बैठक में कई महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इन सुझावों के आधार पर मुख्यमंत्री Hemant Soren से ग्रामीण महिला नीति बनाने का आग्रह किया जाएगा। वहीं सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि झारखंड अब अपनी स्वतंत्र “महिला नीति” बनाने की दिशा में आगे बढ़ चुका है।

बैठक में पद्मश्री छुटनी देवी ने डायन प्रथा के खिलाफ अपने लंबे संघर्ष का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी कई महिलाएं इस कुप्रथा का शिकार हो रही हैं। उन्होंने सरकार से इस दिशा में और सहयोग की मांग की और बताया कि जमीन विवाद के कारण अक्सर महिलाओं को डायन बताकर प्रताड़ित किया जाता है।
वहीं “लेडी टार्जन” के नाम से प्रसिद्ध चामी मुर्मू ने योजनाओं के क्रियान्वयन पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार योजनाएं तो बनाती है, लेकिन उनका सही तरीके से पालन नहीं हो पाता। उन्होंने कहा कि जब तक योजनाओं की निगरानी और मूल्यांकन मजबूत नहीं होगा, तब तक वास्तविक सशक्तिकरण संभव नहीं है।
दयामणि बारला ने यह भी कहा कि ग्रामीण और शहरी महिलाओं की जरूरतें अलग-अलग हैं, इसलिए उनके लिए अलग नीतियां बननी चाहिए। उन्होंने पेसा कानून के तहत ग्रामसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण बढ़ाने के कदम की सराहना की और उम्मीद जताई कि जल्द ही झारखंड की अपनी महिला नीति बनेगी।
कार्यक्रम में शामिल पूर्व मंत्री डॉ. लुईस मरांडी ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के संवाद से नीतियों को बेहतर दिशा मिलती है। बैठक के अंत में विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रही महिलाओं को सम्मानित भी किया गया।
कुल मिलाकर, यह राउंड टेबल बैठक झारखंड में महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे आने वाले समय में राज्य की सामाजिक और आर्थिक संरचना पर सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है।
