Dhanbad: 3 जुलाई से शुरू होने वाली अमरनाथ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है। इस बार यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में है और व्यापक स्तर पर मेडिकल जांच अभियान चलाया जा रहा है।
यात्रा से पहले विभिन्न अस्पतालों में विशेष स्वास्थ्य जांच कैंप लगाए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं की अलग-अलग विभागों में जांच की जा रही है। मेडिसिन, सर्जरी और ऑर्थोपेडिक के साथ-साथ महिला श्रद्धालुओं के लिए गायनी विभाग में विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि हर यात्री की फिटनेस का सही आकलन हो सके।
जांच में शामिल डॉक्टर डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं का सीबीसी, एक्स-रे, आरबीएस, ब्लड ग्रुप, ब्लड प्रेशर, शुगर और फेफड़ों की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल पूरी तरह स्वस्थ और फिट पाए गए लोगों को ही यात्रा की अनुमति दी जाएगी।
डॉक्टरों के अनुसार, अमरनाथ यात्रा के दौरान ऊंचाई बढ़ने के साथ ऑक्सीजन स्तर कम होता जाता है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी जोखिम बढ़ सकते हैं। ऐसे में जिन लोगों के फेफड़े मजबूत हैं, उन्हें कम परेशानी होती है, जबकि डायबिटीज और बीपी के मरीजों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि पहले से बीमार श्रद्धालु अपनी नियमित दवाइयां साथ रखें और यात्रा के दौरान स्वास्थ्य पर लगातार नजर बनाए रखें। इसके अलावा पर्याप्त आराम, संतुलित आहार और पानी का सेवन भी जरूरी बताया गया है।
वहीं, पहले यात्रा कर चुके श्रद्धालुओं ने नए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उनका कहना है कि यात्रा मार्ग कठिन होता है और जरा सी लापरवाही बड़ा हादसा बन सकती है, खासकर फोटो खींचने या खतरनाक जगहों पर जाने से बचना चाहिए।
प्रशासन ने भूस्खलन और मौसम से जुड़ी संभावित चुनौतियों को देखते हुए यात्रियों से अपील की है कि वे सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें और मौसम की जानकारी लेते रहें। बेहतर तैयारी, सख्त स्वास्थ्य जांच और सावधानी के साथ इस बार यात्रा को सुरक्षित और सफल बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।


