Dhanbad: झारखंड संयुक्त असैनिक सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर झारखंड लोक सेवा आयोग और जिला प्रशासन ने इस बार पूरी तैयारी के साथ सख्त कदम उठाए हैं। साफ कर दिया गया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या कदाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
जिले में कुल 46 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 17 हजार से अधिक अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होंगे। परीक्षा को शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।
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उपायुक्त आदित्य रंजन ने अधिकारियों के साथ बैठक कर निर्देश दिया कि सभी केंद्रों पर सिंगल गेट सिस्टम लागू रहेगा। हर अभ्यर्थी की कड़ी जांच होगी और बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों के 100 मीटर के दायरे में निषेधाज्ञा लागू कर दी है, ताकि भीड़ और अव्यवस्था को रोका जा सके। इसके साथ ही मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, ब्लूटूथ जैसे सभी इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है।
सुरक्षा के लिहाज से परीक्षा केंद्रों और स्ट्रांग रूम के आसपास मीडिया के प्रवेश पर भी रोक लगाई गई है। केवल अधिकृत अधिकारियों और कर्मचारियों को ही अंदर जाने की अनुमति होगी।

यह परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी—पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा के दौरान जिला नियंत्रण कक्ष भी सक्रिय रहेगा।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई अभ्यर्थी नकल या अनुचित साधनों का उपयोग करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर दर्ज की जाएगी और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



