Dhanbad: सिंदरी के पूर्व विधायक इंद्रजीत महतो करीब पांच-छह साल बाद लंबा इलाज कराने के बाद झारखंड लौट आए हैं। फिलहाल उनका इलाज बोकारो के एक अस्पताल में जारी है और डॉक्टरों के अनुसार उनकी स्थिति अब पहले से काफी बेहतर और स्थिर है।
इंद्रजीत महतो ने 2019 में पहली बार सिंदरी विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी, लेकिन 2021 में मधुपुर उपचुनाव के दौरान वे कोरोना संक्रमण की चपेट में आ गए। हालत इतनी गंभीर हो गई कि उनका ऑक्सीजन लेवल 45 तक गिर गया, जिसके बाद उन्हें एयर एंबुलेंस से हैदराबाद ले जाया गया, जहां उनका लंबे समय तक इलाज चला।

उनकी पत्नी तारा देवी ने बताया कि शुरुआती समय बेहद कठिन था। इंद्रजीत महतो लगभग 40 दिनों तक वेंटिलेटर पर रहे और डॉक्टरों ने उम्मीद भी लगभग छोड़ दी थी। हालांकि धीरे-धीरे उनकी हालत में सुधार हुआ, लेकिन पूरी तरह स्वस्थ होने में वर्षों लग गए।

तारा देवी के अनुसार, कोरोना संक्रमण के दौरान दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचने से उनकी सेहत पर गहरा असर पड़ा। लंबे समय तक उन्हें सामान्य तरीके से खाना-पीना भी संभव नहीं था और रिहैबिलिटेशन के जरिए धीरे-धीरे सुधार किया गया।

इस कठिन दौर में तारा देवी ने न सिर्फ परिवार को संभाला बल्कि राजनीतिक जिम्मेदारियां भी निभाईं। उन्होंने क्षेत्र में सक्रिय रहकर विकास कार्यों को आगे बढ़ाया और जनता के भरोसे को टूटने नहीं दिया। यही कारण था कि भारतीय जनता पार्टी ने 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्हें सिंदरी से उम्मीदवार बनाया, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

इलाज के दौरान परिवार को आर्थिक चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा। तारा देवी ने बताया कि अब तक इलाज पर 3 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं, जिसका अधिकांश हिस्सा राज्य सरकार द्वारा वहन किया गया है। हालांकि कुछ भुगतान अभी भी लंबित हैं, जिनके जल्द निपटारे की उम्मीद है।
परिवार की नई पीढ़ी भी अब जिम्मेदारी संभाल रही है। इंद्रजीत महतो की बेटी डॉ. निशि महतो राजनीति में सक्रिय हैं और उन्हें पार्टी में जिला मंत्री की जिम्मेदारी मिली है। परिवार का कहना है कि यह संघर्ष भरा दौर जरूर था, लेकिन अब वे एक नई शुरुआत और बेहतर भविष्य की उम्मीद कर रहे हैं।



