Ranchi : रांची में JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी को लेकर चल रहे छात्र आंदोलन को अब ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने भी समर्थन देने का ऐलान किया है। संगठन की ओर से 7 अगस्त को विधानसभा मार्च निकाला जाएगा। AISA के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ के मुताबिक मार्च में राज्य के विभिन्न जिलों से छात्र और संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। मार्च सुबह 11 बजे बिरसा चौक से शुरू होकर विधानसभा की ओर बढ़ेगा।
इस मार्च में AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा भी शामिल होंगी। जेएनयू की रिसर्च स्कॉलर नेहा बोरा परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, पेपर लीक और निष्पक्ष जांच जैसे मुद्दों को लेकर पहले भी आंदोलन कर चुकी हैं। उनकी मौजूदगी को झारखंड के छात्र आंदोलन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विधानसभा मार्च से पहले नेहा बोरा के नेतृत्व में AISA का प्रतिनिधिमंडल जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचेगा। यहां आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात के बाद सभी छात्र बिरसा चौक पहुंचेंगे, जहां से विधानसभा मार्च शुरू किया जाएगा। संगठन ने कहा है कि उसका उद्देश्य शांतिपूर्ण तरीके से छात्रों की मांग सरकार तक पहुंचाना है।
AISA के राज्य सचिव त्रिलोकी नाथ ने कहा कि संगठन पुलिस से किसी तरह का टकराव नहीं चाहता। हालांकि, उनका कहना है कि यदि छात्रों को आगे बढ़ने से रोका गया या जरूरत से ज्यादा सख्ती की गई तो छात्र अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएंगे। AISA ने 10 अगस्त को प्रस्तावित विधानसभा घेराव में भी आंदोलनरत छात्रों के साथ रहने की घोषणा की है।
जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में पिछले कई दिनों से छात्र दिन-रात धरने पर बैठे हैं। उनकी प्रमुख मांगों में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया शामिल है। AISA ने आंदोलन स्थल पर मेडिकल टीम, पीने का पानी, शौचालय, पर्याप्त रोशनी और पंखे जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
संगठन ने 14वीं JPSC और JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने, पेपर लीक और कथित धांधली के आरोपों की जांच कराने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. खियांगते समेत आरोपितों की निष्पक्ष जांच, JPSC-JET का परिणाम जल्द जारी करने और समयबद्ध परीक्षा कैलेंडर लागू करने की मांग भी रखी गई है।
AISA ने सरकार से पारदर्शी तरीके से भर्ती परीक्षाएं आयोजित कराने, स्थानीय नियोजन नीति के अनुरूप नियमित रोजगार देने और मुख्यमंत्री से आंदोलनरत छात्रों के साथ तत्काल संवाद कर समाधान निकालने की मांग की है। ऐसे में 7 अगस्त का विधानसभा मार्च छात्र आंदोलन की आगे की दिशा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।


