Ranchi : रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर छात्रों का आंदोलन 12वें दिन भी जारी है। लंबे समय से चल रहे इस आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहली बार छात्रों की मांगों और आंदोलन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। सीएम ने कहा कि सरकार पूरे मामले पर पैनी नजर बनाए हुए है और जांच गंभीरता से चल रही है।
मोरहाबादी में दिवंगत गुरुजी शिबू सोरेन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार पहले ही इस मामले में कदम उठा चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार की आंख, नाक, हाथ और पैर हैं, जो राज्य की बेहतरी के लिए लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों की मांगों के अनुरूप समय आने पर सरकार का निर्णय सामने आएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि JPSC मामले में जांच टीम सक्रिय है और पूरे प्रकरण की गंभीरता से पड़ताल की जा रही है। उनके मुताबिक, जांच के दौरान अगर कहीं भी कोई गलती या अनियमितता सामने आती है तो उससे जुड़े सभी पहलुओं को खंगाला जाएगा। जांच पूरी होने के बाद तथ्यों के आधार पर सरकार की ओर से उचित निर्णय लिया जाएगा।
हेमंत सोरेन ने यह भी कहा कि फिलहाल कई स्तरों पर गतिविधियां चल रही हैं। जांच एजेंसियां मामले से जुड़े तथ्यों को जुटा रही हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच के बाद सामने आने वाले निर्णय से आंदोलनरत छात्रों को भी आश्वासन मिलेगा और उनकी चिंताओं का समाधान हो सकेगा।
इधर, छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। अभ्यर्थी JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की CBI जांच, जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं। आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद विपक्ष ने एक बार फिर सरकार पर हमला बोला है। भाजपा ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज को गंभीरता से नहीं ले रही है और CBI जांच के बजाय CID जांच के जरिए मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। भाजपा विधायक सीपी सिंह ने कहा कि छात्रों का आंदोलन जायज है और सरकार को उनकी मांग पर जल्द निर्णय लेना चाहिए।
सीपी सिंह ने 14वीं JPSC सिविल सेवा परीक्षा को रद्द कर पूरे मामले की CBI जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि JPSC और JSSC की परीक्षाओं से छात्रों के भविष्य का सवाल जुड़ा हुआ है। ऐसे में सरकार को देरी किए बिना स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए। फिलहाल सरकार की जांच और छात्रों के जारी आंदोलन के बीच यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आने वाले दिनों में सरकार क्या कदम उठाती है और क्या इससे आंदोलनरत अभ्यर्थियों को संतुष्ट किया जा सकेगा।
