Dhanbad : धनबाद के रणधीर वर्मा चौक पर मंगलवार को भाकपा माले ने निरसा और गोविंदपुर में बन रहे एलिवेटेड फ्लाईओवर की गुणवत्ता को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। पार्टी नेताओं ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए परियोजना का डीपीआर सार्वजनिक करने और निर्माण प्रक्रिया में स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने की मांग की।
धरने में निरसा विधायक अरूप चटर्जी, सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। माले नेताओं ने कहा कि फ्लाईओवर का निर्माण जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग है, लेकिन निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
निरसा विधायक अरूप चटर्जी ने कहा कि निरसा और गोविंदपुर में ओवरब्रिज की मांग वर्ष 2008 से की जा रही है। इसके लिए स्थानीय लोगों ने लंबे समय तक आंदोलन किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोविंदपुर में निर्माण के दौरान स्थानीय स्तर की सरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है और पाइलिंग की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
अरूप चटर्जी ने कहा कि भाकपा माले विकास कार्यों के खिलाफ नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण निर्माण की मांग कर रही है। उन्होंने परियोजना का डीपीआर सार्वजनिक करने और निर्माण से जुड़े सभी महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी लोगों के सामने रखने की मांग की। साथ ही कहा कि स्थानीय लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
सिंदरी विधायक चंद्रदेव महतो ने भी फ्लाईओवर निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस स्तर की निर्माण गुणवत्ता अपेक्षित है, उस स्तर पर काम नहीं हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य में सुधार नहीं किया गया तो भविष्य में गंभीर दुर्घटना की आशंका पैदा हो सकती है।
माले नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि फ्लाईओवर परियोजना में स्थानीय लोगों को अपेक्षित रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। उनका कहना है कि इतनी बड़ी परियोजना में स्थानीय युवाओं और लोगों को रोजगार में प्राथमिकता मिलनी चाहिए। पार्टी ने प्रशासन और संबंधित निर्माण एजेंसियों से इस दिशा में भी स्पष्ट कदम उठाने की मांग की।
धरने के माध्यम से भाकपा माले ने प्रशासन का ध्यान निर्माण की गुणवत्ता, डीपीआर को सार्वजनिक करने, स्थानीय लोगों की भागीदारी और रोजगार जैसे मुद्दों की ओर आकर्षित किया। पार्टी नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं हुआ तो वे आगे भी आंदोलन जारी रखेंगे।
