Ranchi : रांची में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच तथा दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का सत्याग्रह आंदोलन लगातार जारी है। बापू वाटिका, मोरहाबादी से शुरू हुआ यह आंदोलन अब जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहा है, जहां बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं दिन-रात धरने पर डटे हुए हैं। आंदोलन को अब झारखंड के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों से भी समर्थन मिलने लगा है।
बीती रात हुई तेज बारिश ने आंदोलनकारियों की मुश्किलें जरूर बढ़ा दीं। कई अभ्यर्थियों को खुले में रात बितानी पड़ी, जबकि मुख्य टेंट में भी पानी भर जाने से काफी परेशानी हुई। इसके बाद छात्रों ने प्रशासन से अतिरिक्त टेंट लगाने की अनुमति मांगी। शुरुआत में अनुमति नहीं मिलने के बावजूद बाद में प्रशासन ने एक छोटा अतिरिक्त टेंट लगाने की मंजूरी दे दी।
बारिश के बावजूद आंदोलन का मनोबल कमजोर नहीं पड़ा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका सत्याग्रह जारी रहेगा। छात्रों ने बेहतर व्यवस्था की मांग भी की है ताकि लगातार हो रही बारिश के बीच आंदोलन प्रभावित न हो।

आंदोलनकारियों के लिए भोजन और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था जनसहयोग से की जा रही है। दिल्ली, मुंबई, उत्तर प्रदेश समेत देश के कई हिस्सों से समर्थक और विभिन्न फीडिंग एजेंसियां भोजन उपलब्ध करा रही हैं। वहीं रांची की कई सामाजिक संस्थाएं भी नाश्ता, दोपहर और रात के भोजन की निशुल्क व्यवस्था कर छात्रों का सहयोग कर रही हैं।
हाल के दिनों में आंदोलन में गुटबाजी की चर्चाओं पर भी छात्रों ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना है कि आंदोलन में किसी प्रकार की फूट नहीं है। छात्रों के अनुसार अलग-अलग टेंट केवल बढ़ती संख्या को देखते हुए लगाए गए हैं, ताकि सभी अभ्यर्थियों को पर्याप्त जगह मिल सके। जरूरत पड़ने पर आगे और टेंट भी लगाए जाएंगे।

भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने भी आंदोलन में एकजुटता का दावा किया। उन्होंने कहा कि कुछ गलतफहमियां जरूर हुई थीं, लेकिन बातचीत के जरिए उन्हें दूर किया जा रहा है। उनके मुताबिक सभी छात्र एक ही उद्देश्य के साथ आंदोलन कर रहे हैं और उनका लक्ष्य अभ्यर्थियों को न्याय दिलाना है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि देशभर से मिल रहे समर्थन ने उनका हौसला और मजबूत किया है। उनका विश्वास है कि शांतिपूर्ण सत्याग्रह और जनसहयोग के बल पर उनकी मांगों पर सरकार और संबंधित एजेंसियां गंभीरता से विचार करेंगी तथा भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
