Dhanbad: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (जेएलकेएम) के केंद्रीय अध्यक्ष और डुमरी विधायक जयराम महतो शुक्रवार को सियालजोरी इलेक्ट्रो स्टील धरना प्रकरण में धनबाद व्यवहार न्यायालय में पेश हुए। अदालत में पेशी के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत करते हुए सियालजोरी मामले, JPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन और धनबाद में हाल में हुई ED की कार्रवाई पर अपनी प्रतिक्रिया दी।
जयराम महतो ने कहा कि सियालजोरी स्थित इलेक्ट्रो स्टील प्लांट में हुए धरना-प्रदर्शन के बाद दर्ज एफआईआर में उनका नाम केवल पोस्टर में तस्वीर होने के आधार पर जोड़ दिया गया। उन्होंने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों पर मुकदमा दर्ज करना सही नहीं है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वे न्यायपालिका और कानून का पूरा सम्मान करते हैं तथा न्यायिक प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेंगे।
रांची में चल रहे JPSC अभ्यर्थियों के आंदोलन पर बोलते हुए जयराम महतो ने कहा कि छात्रों ने पहले ही यह निर्णय लिया था कि आंदोलन के मंच का इस्तेमाल किसी भी राजनीतिक दल या नेता के लिए नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि छात्रों के इस फैसले का सम्मान करते हुए वे मंच पर नहीं गए, लेकिन उनकी मांगों के समर्थन में लगातार खड़े रहे।
उन्होंने कहा कि देवेंद्र नाथ महतो आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं और अभ्यर्थियों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जयराम महतो ने दोहराया कि युवाओं की न्यायसंगत मांगों का समर्थन उनकी पार्टी आगे भी करती रहेगी और छात्रों के हितों की लड़ाई में उनके साथ खड़ी रहेगी।
धनबाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए जयराम महतो ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति ने अवैध तरीके से संपत्ति अर्जित की है तो जांच एजेंसियों द्वारा कार्रवाई होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कानून सभी के लिए समान होना चाहिए और जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए।
इस दौरान उन्होंने बिना किसी का नाम लिए धनबाद के सांसद ढुल्लू महतो पर भी राजनीतिक टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि किसी को ED की कार्रवाई से बचना है तो दिल्ली जाकर NDA का दामन थाम लेना चाहिए। उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में नई बहस छिड़ने की संभावना जताई जा रही है।
जयराम महतो के इन बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। एक ओर उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग की बात कही, वहीं दूसरी ओर JPSC आंदोलन, ED की कार्रवाई और राजनीतिक मामलों पर अपनी बेबाक राय रखकर राज्य की सियासत में नया विवाद खड़ा कर दिया है।



