Ramgarh : जिले के गोला प्रखंड अंतर्गत मगनपुर पंचायत के जांगी गांव में रविवार रात करीब 20 से 22 जंगली हाथियों का झुंड पहुंचने से पूरे इलाके में दहशत फैल गई। हाथियों ने किसानों के खेतों में घुसकर तैयार फसलों को बुरी तरह रौंद दिया, जिससे उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। पूरी रात ग्रामीण ढोल-नगाड़े, मशाल और पटाखों की मदद से हाथियों को गांव से बाहर निकालने की कोशिश करते रहे।
हाथियों के आतंक से प्रभावित किसानों में जोगेंद्र महतो, मुकेश कुमार कुशवाहा, विनय कुमार दांगी, अजीत कुमार और जैनुल अंसारी शामिल हैं। किसानों ने बताया कि हाथियों ने मकई, बैंगन, पत्तागोभी, भिंडी समेत कई तैयार फसलों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। महीनों की मेहनत और खेती पर लगी लागत एक ही रात में बर्बाद हो जाने से किसानों में भारी निराशा है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों के झुंड को जंगल की ओर खदेड़ने का अभियान शुरू किया। विभाग ने लोगों से अपील की कि वे हाथियों के पास न जाएं, उन्हें उकसाने का प्रयास न करें और किसी भी गतिविधि की जानकारी तुरंत वन विभाग को दें।
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ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड पिछले कुछ समय से लगातार इस क्षेत्र में विचरण कर रहा है। इसके कारण लोगों को हर रात जागकर पहरा देना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस बार हाथियों ने उनकी अधिकांश फसलें नष्ट कर दी हैं, इसलिए सरकार और वन विभाग से उचित मुआवजा तथा इस समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।
गांव के लोगों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में सोलर हाईमास्ट लाइट लगाने, हाथियों से बचाव के लिए आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और हाथियों की गतिविधियों की समय रहते सूचना देने की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर सूचना मिलने से जनहानि और संपत्ति के नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।
मगनपुर पंचायत के उपमुखिया अकबर अली ने हाथियों के गांव में प्रवेश की सूचना मिलते ही संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया और स्वयं जांगी गांव पहुंचकर नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने वन विभाग से प्रभावित किसानों की फसलों का शीघ्र सर्वे कर नियमानुसार मुआवजा देने की मांग की।
रामगढ़ के डीएफओ नीतीश कुमार ने बताया कि हाथियों की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया था। टीम हाथियों को सुरक्षित वन क्षेत्र और उनके प्राकृतिक कॉरिडोर की ओर भेजने का प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि हाथियों के करीब जाकर फोटो या वीडियो न बनाएं, न ही उन पर पत्थरबाजी करें। उन्होंने आश्वासन दिया कि फसलों के नुकसान का आकलन कर नियमानुसार प्रभावित किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाएगा।



