Ranchi : 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा समेत जेपीएससी और जेएसएससी की विभिन्न परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत शनिवार से राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के समीप छात्रों ने अनिश्चितकालीन सत्याग्रह शुरू कर दिया। आंदोलन के दौरान छात्रों ने राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षाओं की सीबीआई जांच की मांग दोहराई।
सत्याग्रह में शामिल छात्रों का आरोप है कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियां भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। उनका कहना है कि इन अनियमितताओं के कारण राज्य के हजारों मेधावी युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। छात्रों ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से जांच कराना जरूरी है।
आंदोलन में शामिल छात्र नेता से राजनेता बने देवेंद्र महतो ने कहा कि जेपीएससी लंबे समय से विवादों में रही है, लेकिन 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा को लेकर सामने आए आरोप बेहद गंभीर हैं। उन्होंने दावा किया कि कम अंक प्राप्त करने वाले कुछ अभ्यर्थी सफल हुए हैं, जबकि अधिक अंक लाने वाले उम्मीदवार चयन से बाहर रह गए। उनका आरोप है कि सरकार सीआईडी जांच के जरिए मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने मांग की कि सरकार तुरंत सीबीआई जांच की घोषणा करे, अन्यथा मुख्यमंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा दें।
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छात्र नेता सफी इमाम ने भी सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में लगातार विवाद सामने आते रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं का भर्ती प्रक्रिया पर भरोसा कमजोर हुआ है। उन्होंने रामगढ़ के एक अभ्यर्थी का उदाहरण देते हुए दावा किया कि कट-ऑफ से अधिक अंक होने के बावजूद उसका चयन नहीं हुआ, जिससे परीक्षा परिणामों पर संदेह और गहरा गया है।
छात्र नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार परीक्षा में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच के लिए सीबीआई जांच का आदेश नहीं देती है, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उनका कहना है कि यह आंदोलन केवल कुछ छात्रों का नहीं, बल्कि राज्य के लाखों प्रतियोगी अभ्यर्थियों के भविष्य और न्याय की लड़ाई है।
इस बीच, मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका के पास चल रहे प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने छात्रों से आंदोलन का स्थान बदलने का आग्रह किया। पुलिस का कहना था कि डूरंड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के आयोजन को देखते हुए वहां सुरक्षा और यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों ने अपना धरना स्थल बदलने से इनकार कर दिया और सत्याग्रह जारी रखने का फैसला किया।
फिलहाल रांची में आंदोलन जारी है और जेपीएससी विवाद को लेकर छात्रों, राजनीतिक दलों और सरकार के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। अब सभी की नजर सरकार के अगले कदम और जांच को लेकर होने वाले निर्णय पर टिकी हुई है।



