Chhathra: चतरा पुलिस ने नक्सल विरोधी अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (तृतीय सम्मेलन प्रस्तुति कमेटी) के वांछित सदस्य नरेश गंझू उर्फ रविकांत को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, पुलिस पर हमला, अवैध हथियार रखने तथा गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) समेत कई गंभीर मामलों में केस दर्ज हैं।
सोमवार को सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि टीएसपीसी का सक्रिय सदस्य नरेश गंझू अपने पैतृक गांव मंधनिया पहुंचा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष नक्सल विरोधी अभियान चलाया गया और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित की गई।
एसडीपीओ ने बताया कि अभियान के दौरान पुलिस ने गांव मंधनिया स्थित फुटबॉल मैदान से लगभग 100 मीटर दूर घने जंगल के पास घेराबंदी की। इसी दौरान नरेश गंझू उर्फ रविकांत को पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की गई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेजने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।
पुलिस के अनुसार, नरेश गंझू बालूमाथ थाना कांड संख्या 168/19 में वांछित था। इस मामले में उसके खिलाफ हत्या का प्रयास, पुलिस बल पर हमला, रंगदारी, अवैध हथियार रखने, क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट (सीएलए) एक्ट और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज है। इसके अलावा लातेहार और चतरा जिले के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ कुल छह गंभीर आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी के खिलाफ बालूमाथ थाने में दो, लावालौंग थाने में दो, कुंदा थाने में एक और सिमरिया थाने में एक मामला दर्ज है। इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस/पूर्व आईपीसी), आर्म्स एक्ट, सीएलए एक्ट और यूएपीए की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस का कहना है कि वह लंबे समय से उग्रवादी गतिविधियों में सक्रिय था।
इस अभियान में सिमरिया एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊ साहब के नेतृत्व में लावालौंग थाना पुलिस, एसएसबी की 35वीं वाहिनी के जवान तथा जिला पुलिस के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अभियान पूरी रणनीति और गोपनीयता के साथ चलाया गया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को बिना किसी अप्रिय घटना के गिरफ्तार कर लिया गया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसडीपीओ ने कहा कि चतरा जिले में उग्रवादी गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नक्सल विरोधी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी, कानून-व्यवस्था बनाए रखना और क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।


