Ranchi: भारतीय जनता पार्टी की नेता सीता सोरेन ने सोमवार को रांची स्थित राजभवन में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार से मुलाकात कर संथाल परगना क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार दुमका समेत पूरे संथाल परगना के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। साथ ही राज्यपाल से आग्रह किया कि वे क्षेत्र का दौरा कर वहां की वास्तविक स्थिति का स्वयं आकलन करें।
राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए सीता सोरेन ने कहा कि संथाल परगना के आदिवासी समुदाय की समस्याओं की लगातार अनदेखी की जा रही है। उनका आरोप था कि मुख्यमंत्री क्षेत्र के लोगों को भूल चुके हैं और विकास के दावों के बावजूद शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव बना हुआ है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों के कारण लोगों का पलायन लगातार जारी है।
सीता सोरेन ने जामलाड़ा क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां बुनियादी सुविधाओं की कमी लोगों के लिए बड़ी समस्या बनी हुई है। उन्होंने दावा किया कि सरकार विकास के बड़े-बड़े वादे कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2029 का चुनाव बदलाव का चुनाव होगा, क्योंकि जनता अब सरकार के दावों और वास्तविक स्थिति के बीच का अंतर समझ चुकी है।
बीजेपी नेता ने राज्य की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में लोगों को नक्सली बताकर मुठभेड़ में मार दिया जाता है और सरकार इन घटनाओं को लेकर गंभीर नहीं दिखती। साथ ही उन्होंने जामताड़ा अस्पताल में एक गर्भवती महिला और उसके नवजात की मौत के मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
सीता सोरेन ने यह भी आरोप लगाया कि जामताड़ा अस्पताल की घटना के खिलाफ आवाज उठाने पर भाजपा के जिला अध्यक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी गई। उनके अनुसार, सरकार विपक्ष की आवाज दबाने और विरोध करने वालों को डराने-धमकाने की नीति अपना रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है।
राज्य के विकास को लेकर भी सीता सोरेन ने सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि झारखंड में आज भी पलायन की समस्या बनी हुई है और निवेश के नाम पर केवल बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। उन्होंने दावोस यात्रा के दौरान किए गए निवेश संबंधी दावों और हाल में दिल्ली में आयोजित इन्वेस्टर्स समिट के परिणामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार को यह बताना चाहिए कि इन प्रयासों से राज्य को अब तक क्या वास्तविक लाभ मिला है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार समय-समय पर नई घोषणाओं और निवेश के दावों के जरिए जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। सीता सोरेन ने कहा कि राज्य के विकास और संथाल परगना की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है, ताकि क्षेत्र के लोगों को बेहतर सुविधाएं और रोजगार के अवसर मिल सकें।


