Ranchi : झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी आकांक्षा योजना ने एक बार फिर अपनी प्रभावशीलता साबित की है। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा संचालित इस निशुल्क आवासीय कोचिंग कार्यक्रम के 17 विद्यार्थियों ने NEET 2026 परीक्षा में सफलता हासिल कर राज्य का गौरव बढ़ाया है। सरकारी स्कूलों के इन मेधावी छात्रों की उपलब्धि ने आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों के लिए नई उम्मीद जगाई है।
आकांक्षा योजना की शुरुआत वर्ष 2016-17 में की गई थी। इस योजना के तहत झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) से उत्तीर्ण मेधावी छात्रों का चयन कर उन्हें मेडिकल, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निशुल्क आवासीय सुविधा, भोजन, अध्ययन सामग्री और अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाता है। यही वजह है कि इस योजना के छात्र लगातार राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
इस वर्ष योजना के विद्यार्थियों ने NEET 2026 में शानदार सफलता दर्ज की। अंजलि महतो ने 99.79 परसेंटाइल और ऑल इंडिया रैंक 4029 हासिल कर सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया। वहीं हिमांशु राज ने 99.60 परसेंटाइल के साथ ऑल इंडिया रैंक 7669 प्राप्त की। इन दोनों छात्रों की उपलब्धि ने योजना की गुणवत्ता को फिर साबित किया है।

सफलता प्राप्त करने वाले अन्य विद्यार्थियों में जीतू यादव, रोहन कुजूर, नितेश कुमार महतो, सेजल राज चंद्रा, काजल कुमारी, किरण कुमारी, खुशी कुमारी, खुशबू कुमारी, रीत कुमार ठाकुर, अमर मुर्मू, सूर्यकांत उरांव, सृष्टि कुमारी, विवेक कुमार मंडल, विनोद चिक बराइक और ममता कुमारी शामिल हैं। इन सभी छात्रों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए मेडिकल शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है।
राज्य सरकार का कहना है कि जहां निजी कोचिंग संस्थानों में मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं की तैयारी के लिए लाखों रुपये खर्च करने पड़ते हैं, वहीं आकांक्षा योजना के तहत विद्यार्थियों को रहने, खाने, पढ़ाई और मार्गदर्शन की पूरी सुविधा पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली छात्रों को समान अवसर मिल रहा है।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश प्रसाद ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि आकांक्षा योजना की यह उपलब्धि पूरे झारखंड के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर मेधावी विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने का सशक्त माध्यम बन चुकी है और आने वाले वर्षों में भी ऐसे ही सकारात्मक परिणाम देती रहेगी।
आकांक्षा योजना की लगातार सफलता यह साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सरकारी सहयोग मिलने पर सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर की कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। यह योजना राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव का मजबूत उदाहरण बनकर उभरी है।


