Latehar : सरकार की जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक आसानी से खाद्यान्न पहुंचाना है, लेकिन लातेहार जिले के मनिका प्रखंड स्थित देवबार गांव के लोगों के लिए यह सुविधा अब भी कठिनाई का कारण बनी हुई है। यहां राशन कार्ड होने के बावजूद ग्रामीणों को हर महीने राशन लेने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है।
मनिका प्रखंड का देवबार गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। करीब एक हजार की आबादी वाले इस गांव में अधिकांश आदिवासी और अनुसूचित जाति समुदाय के लोग रहते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर इन परिवारों के लिए सरकारी राशन जीवनयापन का अहम सहारा है, लेकिन राशन प्राप्त करने के लिए उन्हें गांव से 15 किलोमीटर दूर स्थित केड़वाकरम जन वितरण प्रणाली की दुकान तक जाना पड़ता है।
ग्रामीणों को राशन लेने और वापस घर लौटने के लिए कुल 30 किलोमीटर का सफर तय करना पड़ता है। कई बार दुकान पहुंचने पर सर्वर या लिंक की समस्या के कारण राशन नहीं मिल पाता, जिससे उन्हें बिना राशन लिए वापस लौटना पड़ता है। ऐसी स्थिति में लोगों को दोबारा लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है।

गांव के कई लोग ऑटो से राशन लेने जाते हैं, जिसके लिए प्रति व्यक्ति करीब 50 रुपये किराया देना पड़ता है। वहीं, जिन परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है, वे पैदल ही जंगलों और खराब रास्तों से होकर राशन लेने जाते हैं। बरसात और अन्य मौसम में यह सफर और भी कठिन हो जाता है।
ग्रामीण महिलाओं ने भी अपनी परेशानी साझा की है। पूनम कुमारी और बसंती देवी का कहना है कि कई बार दो-तीन चक्कर लगाने के बाद भी राशन मिल पाता है। उन्होंने मांग की कि यदि गांव में ही जन वितरण प्रणाली की दुकान खोल दी जाए तो ग्रामीणों को बड़ी राहत मिलेगी। वहीं ग्रामीण रमेश भुइयां ने बताया कि खराब सड़क और लंबी दूरी के कारण राशन लाना उनके लिए हर महीने बड़ी चुनौती बन जाता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकार की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक होगा, जब लोगों को बिना अनावश्यक परेशानी के आवश्यक सुविधाएं मिल सकें। उनका मानना है कि गांव के नजदीक राशन दुकान की व्यवस्था होने से समय, श्रम और खर्च तीनों की बचत होगी तथा गरीब परिवारों को राहत मिलेगी।
मामले पर लातेहार के जिला आपूर्ति पदाधिकारी श्रवण राम ने कहा कि विभाग का प्रयास है कि सभी लाभुकों को सुविधाजनक स्थान से राशन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने आश्वासन दिया कि देवबार गांव की समस्या की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, ताकि ग्रामीणों को भविष्य में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।


