Bokaro : जिले में आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने की तैयारियों को परखने के लिए बुधवार रात सिविल डिफेंस विभाग की ओर से व्यापक मॉकड्रिल आयोजित की गई। रात करीब 9 बजे शहर में सायरन बजते ही लोगों में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उषा पेट्रोल पंप और सेक्टर-12 स्थित मेडिकेंट हॉस्पिटल को काल्पनिक बम हमले का केंद्र बनाकर राहत एवं बचाव अभियान का अभ्यास किया गया।
मॉकड्रिल के दौरान जैसे ही हमले की सूचना प्रसारित हुई, जिला प्रशासन, पुलिस, फायर ब्रिगेड, सिविल डिफेंस और स्वास्थ्य विभाग की टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। अभ्यास के तहत घायलों को सुरक्षित निकालकर एंबुलेंस के जरिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया और आपदा प्रबंधन की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।

इस दौरान जिला उपायुक्त अजय नाथ झा और पुलिस अधीक्षक नाथू सिंह मीणा भी घटनास्थल पर मौजूद रहे। उन्होंने पूरे अभियान की निगरानी की और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय एवं त्वरित प्रतिक्रिया का जायजा लिया।

अधिकारियों ने बताया कि यह मॉकड्रिल किसी वास्तविक घटना का हिस्सा नहीं थी, बल्कि संभावित आपातकालीन परिस्थितियों में प्रशासनिक तैयारियों और विभिन्न एजेंसियों की कार्यक्षमता का परीक्षण करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी। इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि संकट की स्थिति में राहत और बचाव कार्य तेजी से संचालित किए जा सकें।

प्रशासन के अनुसार मॉकड्रिल में फायर ब्रिगेड, चिकित्सा विभाग, सिविल डिफेंस, पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी टीमों ने निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत राहत कार्यों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया।
जिला प्रशासन ने कहा कि भविष्य में किसी भी आपदा या आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए इस तरह के अभ्यास बेहद आवश्यक हैं। अधिकारियों ने मॉकड्रिल में सहयोग करने वाले सभी विभागों और शहरवासियों का आभार जताते हुए कहा कि इस अभ्यास से आपदा प्रबंधन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में मदद मिलेगी।



