Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से सोमवार को प्रोजेक्ट भवन में विभागीय समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य को केवल खनन आधारित पहचान तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि शिक्षा और ज्ञान आधारित विकास की दिशा में आगे बढ़ाना होगा। इस दौरान उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार भी मौजूद रहे।
बैठक में मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने के लिए आवश्यक स्वीकृति देने का निर्देश दिया। साथ ही अगले 15 दिनों के भीतर झारखंड विश्वविद्यालय सेवा आयोग को पूरी तरह सक्रिय करने को कहा। उन्होंने छात्रावासों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा कर उन्हें पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर संचालित करने की दिशा में पहल करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से राज्य के विश्वविद्यालयों में लाइव ऑनलाइन क्लास शुरू करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा। पायलट परियोजना के तहत इसकी शुरुआत झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय और बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमके), धनबाद से की जाएगी, ताकि छात्रों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध हो सके।
बैठक में बीआईटी सिंदरी को यूनिटरी विश्वविद्यालय का दर्जा देने पर भी सहमति बनी। इसके लिए जल्द ही संबंधित विधेयक लाया जाएगा। साथ ही राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों के छात्रों के लिए रोबोटिक्स फेस्टिवल शुरू करने की योजना भी साझा की गई, जिससे नवाचार और तकनीकी कौशल को बढ़ावा मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने राज्य के नौ जिलों—पलामू, गिरिडीह, रामगढ़, गुमला, रांची, जमशेदपुर, बोकारो, गोड्डा और साहिबगंज—में तकनीकी शिक्षा क्लस्टर विकसित करने का निर्देश दिया। इसके अलावा राजकीय पॉलिटेक्निक संस्थानों को झारखंड इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (JIT) के रूप में विकसित करने और सभी इंजीनियरिंग कॉलेजों को बीआईटी सिंदरी की तर्ज पर आधुनिक बनाने की बात कही।
उन्होंने इंजीनियरिंग संस्थानों में इमर्जिंग टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल, सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स एंड शिपिंग तथा टेक्सटाइल डिजाइन एंड मैन्युफैक्चरिंग जैसे नए पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्देश दिए। साथ ही बीआईटी और जेआईटी के बेहतर संचालन के लिए काउंसिल फॉर इंस्टीट्यूट्स ऑफ एमिनेंस की स्थापना करने को भी कहा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र विद्यार्थियों तक पहुंचाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कल्याण विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जरूरतमंद छात्रों को शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाए, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी छात्र की पढ़ाई में बाधा न बने। इसके अलावा दुमका फ्लाइंग इंस्टीट्यूट में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को भी इस योजना से जोड़ने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा।



