Ranchi : रक्षा राज्य मंत्री एवं रांची के सांसद संजय सेठ ने बुधवार को इटकी स्थित ऐतिहासिक टीबी सेनेटोरियम का निरीक्षण कर वहां की स्वास्थ्य सेवाओं, आधारभूत संरचना और मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कर संस्थान की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता तथा व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर विस्तार से चर्चा की।
निरीक्षण के बाद संजय सेठ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “टीबी मुक्त भारत” अभियान को सफल बनाने के लिए देश के प्रमुख टीबी उपचार केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इटकी टीबी सेनेटोरियम झारखंड का एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान है और इसे उसकी पुरानी प्रतिष्ठा वापस दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।

उन्होंने बताया कि वर्ष 1928 में स्थापित यह सेनेटोरियम कभी देश के प्रमुख टीबी उपचार केंद्रों में गिना जाता था। वर्तमान में भी झारखंड के विभिन्न जिलों और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज के लिए पहुंचते हैं। हालांकि, स्वास्थ्यकर्मियों की कमी, सीमित संसाधनों और बुनियादी सुविधाओं के अभाव के कारण मरीजों को कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

संजय सेठ ने विशेष चिंता जताते हुए कहा कि वर्ष 2019 से संस्थान की डिजिटल एक्स-रे मशीन खराब पड़ी है, जिससे टीबी मरीजों की जांच प्रभावित हो रही है। उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए कहा कि इतने महत्वपूर्ण चिकित्सा संस्थान में वर्षों तक आवश्यक उपकरणों का अनुपयोगी रहना चिंताजनक है और इसे प्राथमिकता के आधार पर ठीक किया जाना चाहिए।
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केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सेनेटोरियम की सभी आवश्यकताओं का विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत किया जाए, ताकि आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कर संस्थान के विकास की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं के आधुनिकीकरण और चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।
उन्होंने विश्वास जताया कि मजबूत आधारभूत संरचना, आधुनिक चिकित्सा उपकरण और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के माध्यम से टीबी मरीजों को गुणवत्तापूर्ण इलाज उपलब्ध कराया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब प्रत्येक मरीज को समय पर जांच, प्रभावी उपचार और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलें। इस दिशा में केंद्र सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।



